1/10प्रधानमंत्री मोदी इस समय पांच देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण के तहत इटली में हैं। रोम पहुंचकर उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं। दोनों नेताओं ने कहा कि द्विपक्षीय संबंध अब एक नए और अधिक व्यापक स्तर पर पहुंच रहे हैं।

द्विपक्षीय वार्ता से पहले इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया और उन्हें ऐतिहासिक कोलोसियम का भ्रमण भी कराया। कोलोसियम रोम शहर के मध्य स्थित अंडाकार आकार का विशाल एंफिथियेटर है जिसे अब तक निर्मित सबसे बड़ा एंफिथियेटर माना जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी 15 से 20 मई तक की पांच देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार को इटली पहुंचे। इससे पहले वह संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे की यात्रा पर थे।

मोदी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा, 'रोम पहुंचने पर प्रधानमंत्री मेलोनी से रात्रिभोज के दौरान मुलाकात का मौका मिला। इसके बाद हमने ऐतिहासिक कोलोसियम का भ्रमण किया। इस दौरान विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।'

भारतीय और इतालवी मीडिया के लिए दोनों नेताओं द्वारा संयुक्त रूप से लिखे गए लेख में कहा गया कि ऐसे समय में, जब पूरी दुनिया की व्यवस्था बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, इटली और भारत की साझेदारी उच्च राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर लगातार संवाद से आगे बढ़ रही है।

दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और इटली के बीच सहयोग इस साझा समझ को दर्शाता है कि 21वीं सदी में समृद्धि और सुरक्षा इस बात पर निर्भर करेगी कि देश कितनी क्षमता से इनोवेशन करें, ऊर्जा परिवर्तन का प्रबंधन करें और अपनी रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करें।

लेख में मोदी और इटली गणराज्य मंत्रिपरिषद की अध्यक्ष मेलोनी ने कहा कि 'मेड इन इटली' हमेशा से दुनिया भर में उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है, और आज इसका स्वाभाविक तालमेल 'मेक इन इंडिया' पहल के उच्च गुणवत्ता वाले लक्ष्यों के साथ दिखाई देता है।

उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य 2029 तक भारत और इटली के बीच व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना है। इसमें रक्षा एवं एयरोस्पेस, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, मशीनरी, ऑटोमोबाइल पुर्जे, रसायन, दवाइयां, वस्त्र, कृषि-खाद्य क्षेत्र और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहेगा।'

मोदी और मेलोनी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में 'धर्म' की अवधारणा उस जिम्मेदारी का बोध कराती है, जो हमारे कार्यों का मार्गदर्शन करती है। जबकि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' अर्थात 'पूरी दुनिया एक परिवार है' सिद्धांत आज के आपस में जुड़े डिजिटल युग और भी अधिक प्रासंगिक लगता है।

उन्होंने कहा कि इसी संदर्भ में, भारत के लिए उत्पादन में इतालवी कंपनियों की बढ़ती रुचि और इटली में भारतीय उद्योगों की बढ़ती मौजूदगी, जिसकी संख्या अब दोनों पक्षों में मिलाकर 1000 से अधिक हो चुकी है, एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि ये आपूर्ति शृंखलाओं के एकीकरण को और मजबूत करेगी।
