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Hindi NewsफोटोVastu Shastra: घर की रसोई में कभी खत्म ना होने दें ये 5 चीजें, मां अन्नपूर्णा होंगी नाराज, परिवार में बढ़ेगी तंगी

Vastu Shastra: घर की रसोई में कभी खत्म ना होने दें ये 5 चीजें, मां अन्नपूर्णा होंगी नाराज, परिवार में बढ़ेगी तंगी

वास्तु शास्त्र में किचन सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। इसे मां अन्नपूर्णा का निवास स्थान कहा जाता है। रसोई में कुछ जरूरी चीजें पूरी तरह खत्म हो जाती हैं, तो वास्तु दोष उत्पन्न होता है और मां अन्नपूर्णा नाराज हो सकती हैं। इससे परिवार में आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य समस्या और मानसिक तनाव बढ़ने लगता है।

Navaneet RathaurSun, 12 April 2026 01:25 PM
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किचन वास्तु टिप्स

ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर में कुछ विशेष चीजों का भंडार हमेशा भरपूर रखना चाहिए। इन्हें कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होने देना चाहिए। आइए जानते हैं उन 5 चीजों के बारे में, जिन्हें रसोई में कभी पूरी तरह खत्म नहीं होने देना चाहिए।

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हल्दी - गुरु ग्रह का प्रतीक

रसोई में हल्दी का डिब्बा कभी खाली नहीं रखना चाहिए। ज्योतिषीय दृष्टि से हल्दी का सीधा संबंध बृहस्पति देव यानी गुरु से है। गुरु हमारे जीवन में ज्ञान, मान-सम्मान, धन और संतान सुख का कारक माने जाते हैं। जब घर में हल्दी खत्म हो जाती है, तो इसे गुरु दोष का संकेत माना जाता है। इससे शुभ कार्यों में बाधाएं आती हैं, भाग्य कमजोर पड़ता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा घटने लगती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हल्दी की कमी समृद्धि को खतरे में डालती है। इसलिए हल्दी का डिब्बा आधा खाली होते ही नया भर लेना चाहिए।

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नमक - राहु और केतु के प्रभाव को कंट्रोल करने वाला

नमक के बिना भोजन बेस्वाद है और वास्तु के अनुसार, इसके बिना रसोई अधूरी है। नमक का संबंध राहु और केतु के अशुभ प्रभाव को कम करने से माना जाता है। अगर नमक का डिब्बा पूरी तरह खाली हो जाए, तो घर में वास्तु दोष बढ़ जाता है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच अनबन, झगड़े और मानसिक तनाव बढ़ने लगता है। नमक की कमी आर्थिक तंगी और अस्थिरता का संकेत देती है।

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चावल - अक्षत और समृद्धि का प्रतीक

चावल को 'अक्षत' कहा जाता है। अक्षत का अर्थ है, जो कभी समाप्त ना हो। चावल का संबंध शुक्र ग्रह और चंद्रमा से है। शुक्र ग्रह भौतिक सुख, ऐश्वर्य और प्रेम का कारक है। रसोई में चावल का डिब्बा पूरी तरह खत्म होना शुक्र के अशुभ प्रभाव को आमंत्रित करता है। इससे घर की सुख-शांति भंग हो सकती है और संचित धन में कमी आने लगती है। मां अन्नपूर्णा की कृपा बनाए रखने के लिए चावल का डिब्बा खाली होने से पहले ही नया चावल भर देना चाहिए।

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आटा - परिवार की प्रतिष्ठा और स्थिरता

रसोई में आटे का डिब्बा भी कभी पूरी तरह खाली नहीं रखना चाहिए। आटा परिवार की प्रतिष्ठा और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। अगर आटा खत्म हो जाता है, तो वास्तु दोष बढ़ता है और परिवार में मानसिक तनाव के साथ आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं। आटा खत्म होने से पहले ही डिब्बे में ताजा आटा भर लेना चाहिए। इससे घर में सुख और समृद्धि बना रहता है।

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तेल या घी - मां लक्ष्मी का स्वरूप

खाना पकाने का तेल या घी रसोई की सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है। घी को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। अगर घी या तेल का बर्तन पूरी तरह खाली हो जाए, तो यह घर में गरीबी और समृद्धि की कमी का संकेत है। वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि तेल या घी की कमी से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है। इसलिए इनके बर्तनों को पूरी तरह खाली होने से पहले ही भर लेना चाहिए।

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कभी खत्म ना होने दें ये चीजें

रसोई को हमेशा साफ-सुथरा रखें। इन पांचों चीजों के डिब्बों को कभी भी पूरी तरह खाली न होने दें। अगर कोई चीज खत्म होने वाली हो, तो उसी दिन नई खरीदकर भर लें। शुक्रवार के दिन इन चीजों को खरीदना और रसोई में रखना विशेष शुभ माना जाता है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।