1/15बताया जाता है कि उत्तरकाशी में हरसिल के नजदीक धराली इलाके में मंगलवार को बादल फटने से एक गांव बह गया। हादसे के बाद की तस्वीरों में गांव पर बालू और कीचड़ का मलबा नजर आया। हादसे में कई लोगों के लापता होने की आशंका है।

उत्तरकाशी पुलिस ने कहा कि बादल फटने के बाद हर्षिल इलाके में खीर गढ़ नदी में आए सैलाब के कारण धराली में भारी नुकसान हुआ है। पुलिस, एसडीआरएफ, सेना और अन्य टीमें घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

उत्तराखंड पुलिस ने यह भी कहा कि आपातकालीन सेवा के अधिकारी और टीमें लापता लोगों की खोज में लगी हैं। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी से ज्यादा भारी बारिश की चेतावनी दी है। गांव के ही राजेश पंवार ने बताया कि मलबे में लगभग 10 से 12 लोग दबे हो सकते हैं।

गांव के ही राजेश पंवार ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि लगभग 20 से 25 होटल और होमस्टे पानी में बह गए हैं। गांव पर भारी मलबा जमा है। इस वजह से राहत का काम बेहद मुश्किल हो चला है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर अपने पोस्ट में बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर जुटी हैं। उन्होंने कहा कि मैं लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हूं। राज्य सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

बता दें कि धराली गंगोत्री धाम का प्रमुख पड़ाव है। एक स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी राजेश पंवार ने बताया कि खीर गंगा के जल ग्रहण क्षेत्र के ऊपर बादल फटा। इस वजह से अचानक नदी में विनाशकारी सैलाब आ गया। नदी का विनाशकारी सैलाब बेहद तेज गति से आगे बढ़ा। इसके रास्ते में जो भी मिला ध्वस्त होता, तिनके की तरह बहता और मलबे में समाता चला गया।

भारतीय सेना भी राहत और बचाव के काम में जुट गई है। सेना ने बताया कि हर्षिल के पास खीरगढ़ क्षेत्र के धराली गांव में अचानक मलबा और सैलाब आया। घटनास्थल पर आइबेक्स ब्रिगेड के जवानों को तुरंत तैनात किया गया। वे बचाव अभियान चलाने के लिए प्रभावित स्थल पर पहुंच गए हैं। सेना की मध्य कमान ने कहा- नुकसान की सीमा का आकलन किया जा रहा है।

एसडीआरएफ के आईजी अरुण मोहन जोशी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि सूचना मिलते ही हमारी नजदीकी टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। 2 अन्य इकाइयां पहुंचने वाली हैं। पास की एनडीआरएफ और सेना की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच रही हैं। बचाव के काम के लिए विशेष उपकरण भी भेजे जा रहे हैं। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें एकजुट होकर बचाव के काम में लगी हैं।

इस भयावह घटना पर केंद्र सरकार की भी पैनी नजर है। केंद्रीय गृज मंत्री अमित शाह ने कहा- मैंने धराली (उत्तरकाशी) में अचानक आई बाढ़ के बारे में जानकारी लेने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात की है। राहत और बचाव के लिए 3 आईटीबीपी, 4 एनडीआरएफ टीमें भेजी गईं।

वहीं अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड के मातली में तैनात 12वीं बटालियन से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 16 सदस्यीय टीम धराली पहुंची है। इतनी ही संख्या वाली एक अन्य यूनिट को भी बादल फटने वाली जगह पर पहुंचने के लिए कहा गया है। बता दें कि धराली गंगोत्री के रास्ते में मुख्य पड़ाव है और यहां कई होटल, रेस्तरां और होमस्टे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस आपदा में अब तक कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है। उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य ने संवाददाताओं को बताया कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हर्षिल से सेना की एक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में कहीं बादल फटने की घटना के बाद यह विनाशकारी सैलाब आया।

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तरकाशी के धराली में हुई त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। पीएम मोदी ने एक्स पर कहा- धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।

अचानक आए सैलाब के बाद आस-पास के गांवों में दहशत फैल गई है। आपदा के वायरल हो रहे वीडियो में नदी के किनारे बसी बस्तियों की ओर ढलानों से कीचड़ भरे पानी और गाद की एक धारा बहती दिखाई दे रही है। लोगों को डर के मारे चीखते हुए सुना जा सकता है।

वायरल हो रहे वीडियो में नदी के किनारे बसी बस्तियों की ओर ढलानों से कीचड़ भरे पानी और गाद की एक धारा बहती दिखाई दे रही है। लोगों को चीखते हुए सुना जा सकता है। इस बीच घटना वाली जगह पर बचाव टीमें पहुंच चुकी हैं। फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है।

घटना के एक वायरल वीडियो में लोगों को प्रभावित क्षेत्रों में अपने रिश्तेदारों को फोन करके यह जानने की कोशिश करते सुना जा सकता है। वीडियो में एक आवाज सुनाई देती है कि सब कुछ खत्म हो गया है।
