Delhi Dehradun Expressway Photos Tunnels Forests and Green Corridors PM Modi Inaugurate सुरंग, जंगल और ग्रीन कॉरिडोर, कैसा दिखता है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
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सुरंग, जंगल और ग्रीन कॉरिडोर, कैसा दिखता है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे

आज से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए खुल गया है। पहले जहां लोगों को 6 घंटे लगते थे। एक्सप्रेसवे से ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून या देहरादून से दिल्ली पहुंचा जा सकेगा। तस्वीरों में एक्सप्रेसवे की झलक देखिए।

Gaurav KalaTue, 14 April 2026 02:14 PM
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे आज से शुरू

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे आज से शुरू हो गया है। पीएम नरेंद्र मोदी आज देहरादून में एक्सप्रेसवे का विधिवत लोकार्पण करेंगे। पीएम मोदी ने पहले एक्सप्रेसवे पर रोड शो किया। इस दौरान लोगों ने उनका फूलों से स्वागत किया।

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इस एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित यातायात के नियम जान लीजिए

एक्सप्रेस वे पर सुरक्षित और सहज यातयात के लिए परिवहन विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक्सप्रेसवे पर गाड़ी रोकना, मोड़ना और जंगल के बीच गुजरते हुए हॉर्न बजाना बिल्कुल मना है।

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राजाजी पार्क से गुजरते वक्त न बजाएं हॉर्न

एक्सप्रेस वे का कुछ हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क से होकर भी गुजर रहा है। इसलिए पार्क से गुजरते वक्त वाहन चालकों को वन्यजीवों के प्रति सतर्क रहने और अनावश्यक हॉर्न न बजाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, डाटकाली मंदिर के पास टनल क्षेत्र में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। एक्सप्रेस वे पर केवल निर्धारित एंट्री/एग्जिट प्वाइंट का ही उपयोग करें।

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एक्सप्रेस-वे में क्या खास

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे कई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। करीब 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है और इसके निर्माण पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत आई है। छह लेन वाले इस एक्सप्रेस-वे को हाई-स्पीड और सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिसमें दो रेलवे ओवरब्रिज (ROB), 10 बड़े पुल और सात इंटरचेंज बनाए गए हैं, ताकि यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके।

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12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर

इस परियोजना की सबसे खास बात इसका 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा बताया जा रहा है और वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, इसमें दो एलिफेंट अंडरपास और छह अन्य एनिमल पास बनाए गए हैं, जिससे जंगल क्षेत्र में जानवरों और वाहनों के बीच टकराव की संभावना कम होगी। वहीं, देहरादून स्थित मां डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण भी किया गया है, जो इस एक्सप्रेस-वे की इंजीनियरिंग का एक और महत्वपूर्ण पहलू है।

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दिल्ली-यूपी और उत्तराखंड के किन-किन इलाकों से कनेक्टिविटी

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की रूट कनेक्टिविटी इसे बेहद अहम बनाती है। राजधानी दिल्ली में इसका शुरुआती बिंदु अक्षरधाम से माना जा रहा है, जहां से यह गीता कॉलोनी, शास्त्री पार्क, खजूरी खास और सोनिया विहार जैसे इलाकों को जोड़ते हुए आगे बढ़ता है। उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने के बाद यह एक्सप्रेस-वे मंडोला (लोनी बॉर्डर), बागपत, बड़ौत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे प्रमुख शहरों और कस्बों से होकर गुजरता है। उत्तराखंड में यह एक्सप्रेस-वे रुड़की होते हुए देहरादून तक पहुंचता है, जहां आशारोड़ी और राजाजी नेशनल पार्क के आसपास का क्षेत्र इसके अंतिम हिस्से में आता है।

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प्रमुख इंटरचेंज और कनेक्टिंग हाईवे

इसके अलावा, एक्सप्रेस-वे पर कई प्रमुख इंटरचेंज और कनेक्टिंग हाईवे भी विकसित किए गए हैं। खेखड़ा में बागपत ईस्टर्न बायपास के पास इंटरचेंज बनाया गया है, जबकि लोहड्डा में बड़ौत ईस्टर्न बायपास से कनेक्टिविटी दी गई है। करौंदा महाजन के पास यह करनाल-मेरठ (NH 709A) हाईवे से जुड़ता है, वहीं हल्गोया में सहारनपुर-हरिद्वार एक्सप्रेसवे से इसका संपर्क स्थापित किया गया है। देहरादून के पास यह चारधाम हाईवे से भी जुड़ता है, जिससे उत्तराखंड के धार्मिक मार्गों तक पहुंच और अधिक सुगम हो जाती है।

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आशारोड़ी-मोहकमपुर प्रोजेक्ट पर भी जल्द लगेगी अंतिम मुहर 

दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेस वे के शुभारंभ के बाद अब आशारोड़ी से मोहकमपुर के बीच प्रस्तावित ऐलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट पर भी मंथन तेज हो गया है। माना जा रहा है कि इस परियोजना पर भी अब जल्द ही अंतिम मुहर लगेगी।

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12 हजार करोड़ की लागत में एक्सप्रेसवे

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे 12 हजार करोड़ की लागत में बना है। यह एक्सप्रेस-वे आधुनिक और तेज यातायात के लिए तैयार किया गया है। इसलिए यहां वाहन चलाते समय विशेष अनुशासन और सावधानी बरतना जरूरी है। एक्सप्रेसवे पर आने के लिए यात्रियों को अपने एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पहले से तय करने होंगे।