1/10बहुत टाइम से टैटू बनवाने की सोच रहे हैं? डिजाइन को लेकर कन्फ्यूज हैं कि क्या बनवाएं और क्या नहीं? आज आप अपनी जन्म की तारीख से जानें कि आपके लिए कौन सा टैटू लकी साबित हो सकता है? नीचे देखें मूलांक 1 से लेकर 9 वालों के लिए लकी टैटू डिजाइन्स।

किसी भी महीने की 1, 10, 19 और 28 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 1 होता है। इन लोगों के लिए सूर्य, शेर, क्राउन और ॐ का टैटू लकी होता है। इन डिजाइन्स को कॉन्फिडेंस और लीडरशिप के रुप में देखा जाता है।

2, 11, 20 और 29 तारीख को जन्मे हुए लोगों के लिए चांद, कमल, तारे या फिर समुद्र की लहरों की डिजाइन वाला टैटू लकी माना जाता है। न्यूमेरेलॉजी के अनुसार इस मूलांक के लिए ये डिजाइन जिंदगी में अच्छा बैलेंस लेकर आते हैं।

जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या फिर 30 तारीख को होता है उनका मूलांक 3 होता है। न्यूमेरेलॉजी के अनुसार ऐसे लोगों के लिए ॐ, पंख और त्रिशूल से जुड़े टैटू शुभ माने जाते हैं।

4, 13, 22 या फिर 31 तारीख को जन्मे लोगों के लिए ज्योमेट्रिकल डिजाइन वाले टैटू सबसे लकी माने जाते हैं। अपनी पसंद के अनुसार मूलांक 4 वाले इससे जुड़ा कोई भी टैटू बनवाएंगे तो उनके लिए अच्छा होगा।

जिनका जन्म 5, 14 या फिर 23 तारीख को हुआ है उनका मूलांक 6 होता है। न्यूमेरेलॉजी के अनुसार इस मूलांक के लोगों के लिए पंख, तितली और पक्षी वाले टैटू बहुत ही लकी माने जाते हैं।

किसी भी महीने की 6, 15 या फिर 24 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 6 होता है। इनके लिए गुलाब, या फिर मोर पंख जैसे खूबसूरत टैटू शुभ माने जाते हैं। ये शुक्र की एनर्जी का प्रतीक हैं।

7, 16 या फिर 25 तारीख को जन्मे हुए लोगों का मूलांक 7 होता है। इनके लिए ध्यान वाली मुद्रा या फिर समुद्र की लहरों वाले डिजाइन के अलावा कोई भी आध्यात्मिक चिन्ह लकी माने जाते हैं।

8, 17 और 26 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 8 होता है। न्यूमेरेलॉजी के अनुसार इनके लिए पर्वत, पेड़ या फिर इन्फिनिटी के साइन का टैटू शुभ माना जाता है।

अगर आपका जन्म 9, 18 या फिर 27 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 9 है। न्यूमेरेलॉजी के हिसाब से इस मूलांक के लोगों के लिए साहस और अपार ऊर्जा के प्रतीक शेर, तलवार, त्रिशूल या फिर किसी योद्धा का टैटू बनवाना शुभ होता है। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
