1/6अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ती डिमांड की वजह से गैस की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित हुई हैं। इसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है, खासकर जब आप बाहर खाना खाने जाते हैं। कई होटल और रेस्टोरेंट अब इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए ग्राहकों के फूड बिल में “LPG Charge”, “Fuel Surcharge” या “Gas Fee” जैसे एक्स्ट्रा चार्ज जोड़ने लगे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस तरह से LPG या फ्यूल चार्ज अलग से जोड़ना नियमों के खिलाफ है? अगर आप भी बाहर खाना खाते हैं और आपके बिल में ऐसा कोई चार्ज जुड़ा दिखता है, तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है। आइये आपको बताते हैं कई इस तरह की ओवरचार्जिंग के खिलाफ कैसे शिकायत कर सकते हैं।

रेस्टोरेंट के लिए LPG, बिजली, स्टाफ सैलरी और अन्य खर्च उनके बिजनेस का हिस्सा होते हैं। इन खर्चों को वे पहले से ही अपने खाने की कीमत (menu price) में शामिल करते हैं। इसलिए बाद में अलग से LPG या फ्यूल चार्ज जोड़ना ग्राहकों के साथ गलत माना जाता है।

कई रेस्टोरेंट बिल में छोटे अक्षरों में LPG या Fuel Charge जोड़ देते हैं। ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देते और पूरा बिल भर देते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपका बिल ₹500 है, तो उसमें ₹50 LPG चार्ज जोड़कर ₹550 बना दिया जाता है। यही तरीका धीरे-धीरे बड़ी कमाई का जरिया बन जाता है।

अगर आपको अपने बिल में ऐसा कोई चार्ज दिखता है, तो सबसे पहले रेस्टोरेंट से इसे हटाने के लिए कहें। आपका पूरा अधिकार है कि आप सिर्फ सही बिल का ही भुगतान करें। अगर रेस्टोरेंट मना करता है, तो आप तुरंत इसकी शिकायत कर सकते हैं।

सरकार ने उपभोक्ताओं की मदद के लिए कई तरीके दिए हैं: आप National Consumer Helpline (NCH) 1915 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा NCH ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऑनलाइन शिकायत के लिए e-Jagriti पोर्टल का भी उपयोग किया जा सकता है। आप चाहें तो जिला कलेक्टर या कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) को भी शिकायत कर सकते हैं।

भारत में उपभोक्ता अधिकार कानून के तहत किसी भी ग्राहक से छुपे हुए या गलत चार्ज नहीं लिए जा सकते। अगर कोई ऐसा करता है, तो यह नियमों का उल्लंघन है और उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसलिए ग्राहक को जागरूक रहना बहुत जरूरी है। आज के समय में छोटी-छोटी चीजों में भी लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। रेस्टोरेंट बिल में LPG चार्ज जोड़ना भी ऐसा ही एक तरीका है, जिससे धीरे-धीरे ग्राहकों से ज्यादा पैसे वसूले जाते हैं। अगर आप थोड़ा ध्यान देंगे और अपने अधिकारों को समझेंगे, तो इस तरह की ठगी से आसानी से बच सकते हैं।
