1/8अब ये तो अपने भी सुना ही होगा कि ब्रेकफास्ट दिन भर की सबसे जरूरी मील होता है। अगर आप पौष्टिक और बैलेंस्ड मील से दिन की शुरुआत करते हैं, तो एनर्जी लेवल बना रहता है, मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और ओवरऑल हेल्थ में भी बेनिफिट मिलता है। लेकिन सबसे अहम सवाल है कि सुबह नाश्ते में क्या खाना सबसे फायदेमंद है? आलिया भट्ट जैसे कई सिलेब्रिटीज के न्यूट्रीशनिस्ट डॉ सिद्धांत भार्गव ने कुछ पॉपुलर इंडियन ब्रेकफास्ट जैसे पोहा, पराठे को रेट किया है, जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आपका ब्रेकफास्ट आखिर कितना हेल्दी है। (Credit - @dr.siddhant.bhargava_Instagram)

पोहा एक पॉपुलर इंडियन ब्रेकफास्ट है। ज्यादातर लोग इसे हेल्दी समझकर डेली बेसिस पर खाते हैं। हालांकि डॉ सिद्धांत इसे 10 में से 5 रेट करते हैं। उनके मुताबिक ये पचाने में तो आसान होता है लेकिन इसमें प्रोटीन की मात्रा ना के बराबर होती है। इसे वाकई हेल्दी बनाना है तो इसमें पनीर, तोफू और ढेर सारी सब्जियां एड करें। वरना प्लेन पोहा सिर्फ कार्ब्स है, जिसे खाने के दो घंटे बाद भी आपको भूख लगना शुरू हो जाएगी।

मक्खन के साथ पराठा भी काफी लोगों का डेली ब्रेकफास्ट है। डॉ सिद्धांत इसे 10 में से 4 रेट करते हैं। उनके मुताबिक ये खाने में तो टेस्टी होता है लेकिन बॉडी के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता। रिफाइंड आटा, सैचुरेटेड फैट का ये कॉम्बो इंसुलिन स्पाइक करता है और एनर्जी भी क्रैश हो जाती है।

ब्रेड ऑमलेट को डॉक्टर 10 में से 7 रेट करते हैं। उनका कहना है कि अंडे तो काफी फायदेमंद होते हैं, लेकिन असली समस्या मैदे वाले सफेद ब्रेड से होती है। ये रिफाइंड कार्ब्स का सोर्स होता है। बेहतर रहेगा कि आप वाइट ब्रेड की जगह मल्टीग्रेन ब्रेड चूज करें या फिर पूरी तरह ब्रेड को ही स्किप करें।

बेसन चीला को डॉक्टर 10 में से 7.5 रेट करते हैं। इसमें बेसन से प्रोटीन मिला जाता है। साथ में अगर आप पनीर और सब्जियां एड कर देते हैं, तो ये एक परफेक्ट ब्रेकफास्ट बन जाता है। डॉक्टर कहते हैं कि पनीर और सब्जियां से भरपूर बेसन चीला ज्यादा से ज्यादा भारतीयों को अपने ब्रेकफास्ट में शामिल करना चाहिए।

ब्रेड के साथ बटर और जैम खाने में टेस्टी और बनाने में सहूलियत भरा लग सकता है, लेकिन बॉडी के लिए बिल्कुल भी हेल्दी नहीं होता। डॉक्टर कहते हैं कि इसमें सिर्फ रिफाइंड फ्लोर होता है और जीरो फाइबर, जिसे खाने पर तुरंत इंसुलिन स्पाइक होता है। इससे आपके शरीर को कोई पोषक तत्व भी नहीं मिलते।

अक्सर हमें फ्रूट जूस काफी हेल्दी लगते हैं और कई लोग ब्रेकफास्ट में एक गिलास जूस पीना पसंद करते हैं। जबकि डॉक्टर की मानें तो इनमें फाइबर बिल्कुल भी नहीं होता, केवल शुगर होती है, जिससे 11 बजते-बजते आपका शुगर लेवल क्रैश हो जाता है।

डॉ सिद्धांत कहते हैं कि आपके ब्रेकफास्ट में प्रोटीन सबसे पहले होना चाहिए। अंडे, स्प्राउट्स, पनीर, तोफू कुछ अच्छे सोर्स हैं। दूसरे नंबर पर फैट आता है, जिसके अच्छे सोर्स हैं नट्स, घी और सीड्स। कार्ब्स सबसे आखिर में होने चाहिए और वो भी सिर्फ कॉम्प्लेक्स कार्ब्स।
