1/7रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी उदयपुर में कोडवा और तेलुगु, दो रीति-रिवाजों से संपन्न हुई। सोशल मीडिया पर शेयर कपल के फोटोज में उनकी खुशी साफ देखी जा सकती है। बता दें, रश्मिका ने अपने इस खास मौके पर फेसम डिजाइनर अनामिका खन्ना की डिजाइन की हुई ट्रेडिशन भगवा रंग की सिल्क साड़ी कैरी की हुई थी। साड़ी की खूबसूरती बढ़ाने के लिए उस पर लाल रंग का एक डिजाइनर चौड़ा बॉर्डर लगाया गया, जिस पर बारीक जरी का काम भी किया गया। दुल्हन बनी रश्मिका मंदाना इस साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। बावजूद इसके उनके ब्राइडल लुक में फैंस की नजरें साड़ी से ज्यादा उनकी हैवी टेंपल ज्वेलरी पर टिकी रहीं।

दुल्हन बनी रश्मिका मंदाना ने डिजाइनर अनामिका खन्ना की साड़ी के साथ अपने ब्राइडल लुक को कम्पलीट करने के लिए हैवी टेंपल ज्वेलरी कैरी की हुई थी। माथे पर पारंपरिक गोल्ड पट्टी, लेयर्ड गोल्ड हार, चोकर और लंबा गोल्ड मोती वाला हार उनके ब्राइडल लुक को और भी ज्यादा खूबसूरत बना रहा था।

रश्मिका की ज्वेलरी की शुरुआत कासू माला से हुई। 'कासू' का अर्थ है सिक्का और 'माला' यानी हार। यह देवी लक्ष्मी की नक्काशी वाले सिक्कों से बना होता है, जो समृद्धि का प्रतीक है। इस माला को अलग-अलग लंबाई का ध्यान रखते हुए बेहद सलीके से सजाया गया था। जिससे हर सिक्के वाली माला साफ नजर आ रही थी और साड़ी की प्लीट्स के साथ बेहद खूबसूरत बैलेंस बना रही थी।

रश्मिका ने गले में चोकर पहना हुआ था। जो कि मंदिर ज्वेलरी से मिलता-जुलता था। इस चोकर के बीच में लक्ष्मी जी की आकृति थी। चोकर का डिजाइन मशीन की जगह हाथ की बारीक कारीगरी का एहसास करवा रहा था। चोकर पर छोटे-छोटे दानों जैसी कारीगरी किनारों पर की गई थी।

तेलुगु दुल्हनों के बीच वड्डानम यानी कमरबंद का भी अपना एक अलग और खास महत्व होता है। रश्मिका का वड्डानम पारंपरिक और मजबूत बनावट वाला था। यह सिर्फ सजावट नहीं था, बल्कि साड़ी की प्लीट्स को ठीक से संभालने का काम भी कर रहा था। इस पर उभरी हुई नक्काशी बिना ज्यादा रत्नों के भी इसमें गहराई दिख रही थी।

दुल्हन बनी रश्मिका की चूड़ियों की बात करें तो उन्होंने हाथों में मोटे कड़े के साथ पतली बनावट वाली चूड़ियां पहनी हुई थीं। रश्मिका की ब्राइडल ज्वेलरी एंटीक फिनिश, पारंपरिक आकृतियों और विरासत की झलक को दिखाती है।

विजय अपने बेबाक और मॉडर्न स्टाइल के लिए जाने जाते हैं। अपनी शादी में विजय ने रॉयल ग्रूम ज्वेलरी कैरी की। उन्होंने गले में एक मंदिर शैली का हार पहना, जो उनकी आइवरी सिल्क धोती के साथ संतुलित लग रहा था। उनके बाजूबंद पर दक्षिण भारतीय मंदिरों और मूर्तियों में दिखने वाली पारंपरिक आकृतियों की झलक थी।
