1/8स्ट्रीट फूड के साथ मिलने वाली चटपटी हरी चटनी हो या फिर रेस्टोरेंट में मिलने वाली लाइट ग्रीन कलर की मिंट चटनी, इन सबका स्वाद बेहद लाजवाब होता है। लेकिन जैसे ही इन्हें घर में बनाने की कोशिश करें तो ना स्वाद मिलता है और ना ही टेक्सचर। ऐसे में ये छोटी टिप्स एंड ट्रिक्स आपके काम आएंगी। जिनकी मदद से आप बेसिक धनिया-पुदीना के पेस्ट से 5 तरह की चटनी बनाकर तैयार कर पाएंगी,वो भी बिल्कुल बाजार जैसी। तो बस नोट कर लें तरीका।

जब भी धनिया-पुदीना को चटनी के लिए पेस्ट बनाना हो तो मात्रा का ध्यान रखें। धनिया की मात्रा का एक तिहाई हिस्सा पुदीना रखें। क्योंकि पुदीना की महक और फ्लेवर स्ट्रांग होता है। पुदीना की ज्यादा मात्रा से चटनी काली पड़ जाएगी।

अक्सर हरी चटनी पीसते वक्त पतली हो जाती है या फिर ठीक से ग्राइंड नहीं होती। इसका सॉल्यूशन है बर्फ, जिसे मिलाकर पीसने पर चटनी पतली ना होकर गाढ़ी ही बनी रहती है और बारीक पिस जाती है।

अगर आपको बॉम्बे सैंडविच या फिर स्ट्रीट पर मिलने वाली ग्रीन चटनी चाहिए जिसका टेक्सचर तो पतला होता है लेकिन कलर बिल्कुल हरा दिखता है। तो बस इस हरे रंग की धनिया पुदीना की चटनी जो बनाई है उसी में एक कच्चे आम को अच्छी तरह से पीसकर मिला दें। बस इसमे नमक-मिर्च को स्वाद के अनुसार बैलेंस कर लें।

धनिया-पुदीना, अदरक, सेंधा नमक, हरी मिर्च और नींबू का रस डालकर बेसिक ग्रीन चटनी का पेस्ट बनाएं। फिर इसमे भुनी मूंगफली डालकर पीस लें। तो फटाफट व्रत के लिए चटपटी हरी चटनी बनकर तैयार हो जाएगी।

इसी हरे रंग की चटनी में मूंगफली की बजाय अगर छिलका सहित खीरा मिलाकर पीस देंगे तो व्रत की ही एक और चटनी तैयार हो जाएगी।

अगर आप नाचोज या स्नैक्स के लिए डिप बनाकर रेडी करना चाहते हैं तो बस बेसिक ग्रीन चटनी के बेस को मेयोनीज में एक से दो चम्मच मिलाकर लाइट ग्रीन कलर का मिंट मेयोनीज बना सकते हैं। तो फ्रिज में अगर आप हरी चटनी को बेसिक तरीके से बनाकर रखते हैं तो कभी भी मजेदार, टेस्टी और चटपटी मार्केट स्टाइल चटनी बनाकर रेडी कर सकती हैं। जो किसी भी स्नैक्स या फिर ब्रेकफास्ट के साथ फिट बैठेगी।

रेस्टोरेंट वाली हल्के हरे रंग की मिंट चटनी चाहिए तो धनिया पुदीना,अदरक, हरी मिर्च, एक छोटा टुकड़ा प्याज, नींबू का रस, काला नमक डालकर पीसें। इस पेस्ट को दही में जरूरत के मुताबिक मिलाकर हल्के हरे रंग की चटनी तैयार करें। इस चटनी में भुना जीरा, चाट मसाला और नमक स्वादानुसार बढ़ाकर टेस्ट को बैलेंस कर लें।
