know when the baby is visible In ultrasound according to the weeks पहले अल्ट्रासाउंड में बच्चा न दिखने पर न हों मायूस, जानें हफ्ते के मुताबिक कब दिखता है बेबी
More
Hindi Newsफोटोलाइफस्टाइलपहले अल्ट्रासाउंड में बच्चा न दिखने पर न हों मायूस, जानें हफ्ते के मुताबिक कब दिखता है बेबी

पहले अल्ट्रासाउंड में बच्चा न दिखने पर न हों मायूस, जानें हफ्ते के मुताबिक कब दिखता है बेबी

  • प्रेगनेंसी एक खूबसूरत एहसास है। जब पेट में बच्चा होता है तो मां उसकी एक-एक चीज महसूस करना चाहती है। अगर अल्ट्रासाउंड में बच्चा नहीं दिखता तो मां मायूस हो जाती है। ऐसे में यहां जानिए हफ्ते के मुताबिक कब दिखता है बेबी।

Avantika JainTue, 7 Jan 2025 02:46 PM
1/8

प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड

प्रेगनेंसी कितने महीने की है इसका पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड किया जाता है। हालांकि कई बार पहले अल्ट्रासाउंड में बच्चा नहीं दिखता है। ऐसा कई कारणों की वजह से हो सकता है। जैसे प्रेग्नेंसी के शुरुआत में ही अल्ट्रासाउंड करवा लेना। हालांकि, ये घबराने की बात नहीं है, क्योंकि कई महिलाओं के साथ ऐसा होता है। ऐसे में प्रेगनेंसी चेक करने के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट करवाती हैं। यहां हम बता रहे हैं कि हफ्ते के मुताबिक अल्ट्रासाउंड में क्या आता है।

2/8

4 हफ्ते में

चौथे हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में एक छोटा सा काला धब्बा जेस्टेशनल सैक होता है, जो लगभग खसखस ​​के बीज के आकार का होता है। इस हफ्ते में दिल की धड़कन नहीं होती है क्योंकि भ्रूण पूरी तरह से विकसित नहीं होता है।

3/8

5 हफ्ते में

पांचवे हफ्ते में योक सैक और जेस्टेशनल सैक ही अल्ट्रासाउंड में दिखाई देता है।

4/8

6 हफ्ते में

6 हफ्ते में एक छोटा फेटल पोल दिखाई देता है। जो भ्रूण के विकास के पहले चरणों में से एक है।

5/8

9 और 11 हफ्ते में

नौवे हफ्ते में दांतों और टेस्ट बड्स की शुरुआत होती है और शरीर का आकार मानवीय रूप ले रहा होता है। इस समय डॉपलर अल्ट्रासाउंड में दिल की धड़कन सुनाई देती हैं। ग्यारहवें हफ्ते में सिर भ्रूण की लंबाई का लगभग आधा हिस्सा बनता है।

6/8

12 हफ्ते में

बारहवें हफ्ते में शरीर के सभी अंग, हड्डियां और मांसपेशियां दिखने लगती हैं।

7/8

18-20 हफ्ते में

20 हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में कटे तालु जैसे जन्म संबंधी विकारों का पता लगाया जा सकता है।

8/8

18-22 हफ्ते में

इस हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में दिल की जांच की जाती है कि क्या यह ठीक से काम कर रहा है और यह देखने के लिए कि क्या दिल संबंधी कोई समस्या हो सकती है।