1/8होली की आहट तेज होते ही फिजा में गुलाल की खुशबू और रसोई से आती गुजिया की सोंधी महक दिल जीत लेती है। यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि उत्तर भारत की गलियों से लेकर देश के हर कोने में बसने वाला एक इमोशन भी है। गुजिया की करारी सुनहरी परत के भीतर छिपा मावे और मेवों का वह शाही संगम जब जुबान पर घुलता है, तो लगता है मानों बसंत के सारे रंग एक साथ स्वाद बनकर जुबान पर उतर आए हों। फिर चाहे दादी-नानी के हाथों का पारंपरिक हुनर हो या आज के दौर के नए फ्यूजन अंदाज, गुजिया की इन 7 वैरायटी के बिना होली की हर महफिल और हर पकवान अधूरा सा लगता है।

यह सबसे पारंपरिक और लोकप्रिय गुजिया है। इसमें भुना हुआ मावा, चीनी और ढेर सारे ड्राई फ्रूट्स भरे जाते हैं। उत्तर भारत में होली पर यही सबसे ज्यादा बनाई जाती है।

अगर आपको गुजिया लंबे समय तक स्टोर करनी है, तो सूजी वाली गुजिया बेस्ट है। इसमें सूजी को घी में भूनकर नारियल और चीनी के साथ मिलाया जाता है। खाने में यह गुजिया काफी कुरकुरी होती है।

यह गुजिया का एक शाही रूप है। यह गुजिया देखने में गोल आकार की होती है और इसे तलने के बाद चाशनी (Sugar Syrup) में डुबोया जाता है। यह खाने में बहुत ही रसीली और भारी होती है।

महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में इसे 'करंजी' के नाम से भी जाना जाता है। इसमें ताजे या सूखे नारियल के लच्छों को गुड़ या चीनी के साथ मिलाकर भरा जाता है। इसका स्वाद काफी अलग और सोंधा होता है।

आजकल बच्चों और फ्यूजन फूड के शौकीनों के लिए यह गुजिया टॉप लिस्ट में है। इसमें मावे के साथ कोको पाउडर या चॉकलेट चिप्स मिलाए जाते हैं। कभी-कभी ऊपर से भी चॉकलेट की लेयर चढ़ाई जाती है।

यह गुजिया का काफी रिच और सेहतमंद विकल्प है। इसमें मावा बहुत कम और काजू, बादाम, पिस्ता और अखरोट की कतरन ज्यादा होती है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें मेवे पसंद हैं।

जो लोग अपनी फिटनेस और कैलोरी का ध्यान रखते हैं, उनके लिए बेक्ड गुजिया बेस्ट ऑप्शन है। इसे घी में तलने की जगह ओवन में बेक किया जाता है, जिससे यह कम ऑयली लेकिन टेस्ट में उतनी ही मजेदार लगती है।
