1/8होली का नाम सुनते ही आंखों के आगे रंगों की बौछार और गुलाल लगे चेहरे सामने आने लगते हैं। लेकिन आजकल कई बार बाजार में मिलने वाले रंगों में केमिकल और कांच के टुकड़े मिले हुए रहते हैं। जो ना सिर्फ चेहरे की खूबसूरती खराब करते हैं बल्कि कई बार सेहत के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर देते हैं। ऐसे में केमिकल रंगों के साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए क्या आप जानते हैं, घर पर ही बड़ी आसानी से सब्जियों के छिलकों से आप होली के हर्बल रंग बनाकर तैयार कर सकते हैं। होली के ये सुरक्षित रंग, ना सिर्फ आपके त्योहार की रौनक बढ़ाएंगे बल्कि आपकी त्वचा का निखार भी डबल कर देंगे।

चुकंदर के छिलकों से बना रंग बेहतरीन गुलाबी या मैजेंटा रंग देता है। इस रंग को तैयार करने के लिए चुकंदर के छिलकों और टुकड़ों को पानी में उबालकर रात भर के लिए छोड़ दें। सुबह आपको गाढ़ा गुलाबी पानी तैयार मिलेगा। सूखे रंग के लिए इसके रस को कॉर्नफ्लोर में मिलाकर सुखा लें।

पीला रंग शुभ माना जाता है और इसे बनाना सबसे सरल है। आप पीला रंग बनाने के लिए उबले हुए आलू के पानी में दो चम्मच हल्दी मिलाएं। हल्दी त्वचा के लिए एंटीसेप्टिक का काम करती है। सूखे रंग के लिए बेसन या आरारोट में हल्दी मिलाकर इस्तेमाल करें।

पालक के छिलके (डंठल) और पत्तियां बेहतरीन हरा रंग प्रदान करती हैं। हरा रंग बनाने के लिए पालक या बथुए की पत्तियों को पीसकर उसका पेस्ट बनाकर पानी में घोलें। सूखा हरा रंग चाहिए तो सूखी मेहंदी का भी प्रयोग किया जा सकता है।

गाजर के छिलकों को सुखाकर पीस लें या गाजर को कद्दूकस करके पानी में उबालें। यदि पलाश के फूल मिल जाएं, तो उन्हें रात भर पानी में भिगोने से सबसे शुद्ध केसरिया रंग मिलता है।

बैंगनी गोभी के छिलकों और पत्तों को पानी में उबालकर उसमें एक चुटकी बेकिंग सोडा मिलाएं। ऐसा करने पर पानी का रंग नीले रंग में बदल जाएगा।

लाल रंग बनाने के लिए आप गुड़हल के फूलों का उपयोग कर सकते हैं। गहरे लाल रंग के लिए सूखे लाल गुड़हल के फूलों का पाउडर आटे में मिलाकर सूखा रंग तैयार करें।

अगर आप दोस्तों को रंगने के लिए काला स्लेटी रंग बनाना चाहते हैं तो आंवला आपकी मदद कर सकता है। काला रंग बनाने के लिए सूखे आंवले के टुकड़ों को लोहे के बर्तन में रात भर भिगोकर रखें। सुबह आपको एक गहरा काला या स्लेटी रंग मिलेगा जो बालों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है।
