1/8हनुमान जयंती के मौके पर भगवान की पूजा-अर्चना के साथ ही भोग लगाया जाता है। इस साल 2 अप्रैल को भगवान हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस मौके पर अंजनी के लाल को उनके प्रिय मिष्ठान्न का भोग लगाएं और उन्हें प्रसन्न करें। घर में ही प्रसाद बना रहीं तो इन चीजों को बनाएं और केसरी नंदन को भोग लगाएं।

पूजा में भगवान को चढ़ाने के लिए खीर सबसे पवित्र मानी जाती है। दूध, खीर और कुछ मेवों को डालकर खीर तैयार करें। साथ ही इसमे केसर के धागे डालकर इसे पीला जरूर कर लें। जिससे स्वाद भी बढ़ेगा और तैयार हो जाएगी भगवान का प्रिय भोग।

बेसन को पानी के साथ खोल बनाएं और उसमे थोड़ा सा पीला फूड कलर और बेकिंग सोडा एक चुटकी डाल दें। गर्म तेल या घी में बूंदी तैयार कर चाशनी में डुबोएं।

छोटे आकार की बूंदी बनाने के लिए तैयार घोल को तेल में गिराकर बूंदी तैयार करें और फिर गाढ़ी दो तार की चाशनी बनाकर उसमे इन बूंदी को डुबोएं। गैस पर सुखा लें, जिससे इसे बांधना आसान हो जाए। बस फटाफट गर्मागर्म ही लड्डू बांधे। गर्माहट से बचने के लिए हाथों में प्लास्टिक के साफ ग्लव्स पहन लें।

भुने चने को पीसकर पाउडर बना लें। कड़ाही में देसी घी डालें और इसे सुनहरा भून लें। साथ ही चाशनी डालकर इसे धीमी आंच पर पकाएं। केसर के रेशे और इलायची पाउडर डालकर गैस बंद कर दें। तैयार है चने का हलवा।

गुड़ को कड़ाही में थोड़ा सा घी डालकर मेल्ट करें। अब इसमे भुने चने को छिलका उतार कर डालें और मिक्स करें। थाली में फैलाकर सुखा लें। गुड़ में लिपटे चने बनकर तैयार हो जाएंगे। भगवान को भोग लगाने की ये सबसे आसान रेसिपी है।

कड़ाही में देसी घी डालें और बेसन को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें। ध्यान रहे इसमे घी की मात्रा ज्यादा हो। चीनी को पीसकर पाउडर बना लें। जब बेसन भुनकर हल्का ठंडा हो जाए तो पिसी चीनी मिलाएं और हाथों में मेल्टेड घी लगाकर लड्डू बांधे।

इमरती बनाने के लिए उड़द की दाल को भिगोकर पीस लें। पीसते समय इसमे फूड कलर पीले रंग का डाल दें। तेल गर्म करें और उसमे तैयार पेस्ट से जलेबी की तरह डिजाइन बनाते हुए इमरती को फ्राई करें। दो तार की चाशनी बनाएं और उसमे गर्मागर्म तैयार इमरती डुबोकर रख दें। आधे घंटे में इमरती बनकर रेडी हो जाएगी। हनुमान को कई जगह इसका भोग लगाया जाता है।
