1/7शराब पीना सेहत के लिए हानिकारक होता है लेकिन फिर भी पार्टीज में इसे पीना एक आदत बन चुका है। आजकल लोग स्ट्रेस कम करने, सोशल मेलजोल, झिझक मिटाने और खुशी पाने के लिए शराब पीते हैं। लैसे में शराब पीने वालों को कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर की बात जरूर सुननी चाहिए।

सर्जिकल ऑन्कोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. वर्तिका विश्वानी ने उन लोगों को 5 टिप्स दी हैं जो वीकेंड पर अल्कोहल पार्टी करना पसंद करते हैं। हालांकि, डॉक्टर कहती हैं कि किसी भी मात्रा में अल्कोहल हानिकारक है और यह ग्रुप 1 कार्सिनोजेन है।

हर किसी को बिंज ड्रिंकिंग से बचना चाहिए। बिंज ड्रिंकिंग में व्यक्ति बहुत कम समय में ज्यादा मात्रा में शराब पीते हैं और बहुत ज्यादा शराब पीने से एसिटल डिहाइड बनेगा जो कि कार्सिनोजेनिक है ग्रुप 1। इससे डिएनए डैमेज होता है।

शराब को स्मोकिंग से साथ ना जोड़ें। इन दोनों चीजों का कॉम्बिनेशन इफेक्ट एडिटिव नहीं होता बल्की गुणात्मक होता है। इन दोनों चीजों का असर 21 गुणा ज्यादा होता है।

बहुत से लोग ये सोचते हैं कि वेप स्मोकिंग से अलग है और इसका नुकसान कम होता है। जबकि दोनों का असर सेहत पर उतना ही होता है। इसलिए इससे भी बचें।

खाली पेट ड्रिंक करने से बचना चाहिए। आप जितना ज्यादा खाली पेट शराब पिएंगे उतना ज्यादा शराब का अवशोषण बढ़ेगा और उतना ज्यादा ही डीएनए डैमेज होने का खतरा बढ़ेगा।

पार्टी में बहुत ज्यादा ड्रिंक को एक साथ मिक्स करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से कार्सिनोजेनिक एक्सप्लोजन बढ़ता है।
