1/7शरीर में खून की कमी महिलाओं की सबसे कॉमन समस्या है। एनीमिया खून में आयरन की कमी की वजह से होता है। जिसमे हीमोग्लोबिन शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन वाले ब्लड की सप्लाई ठीक से नहीं कर पाता। 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक पूरे भारत में लगभग 59.1 प्रतिशत किशोर लड़कियां एनीमिया से पीड़ित हैं। डाइट में फोलेट, विटामिन बी 12 और विटामिन ए की कमी से ज्यादातर महिलाएं एनीमिया की शिकार हो जाती हैं। प्रेग्नेंसी, पीरियड्स में ब्लड लॉस और आयरन रिच फूड्स का ना होना कई बार इसके लिए जिम्मेदार होता है। एनीमिया के लक्षणों में थकान और कमजोरी को ज्यादातर लोग जानते हैं। लेकिन कई बार शरीर में दिख रहे इन लक्षणों को हार्ट डिसीज से कंपेयर करने लगते हैं। जबकि ये दिक्कतें एनीमिया के होने का संकेत देते हैं। साथ ही जानें शरीर में खून की कमी पता करने का बहुत ही सिंपल तरीका।

एनीमिया होने पर थकान और कमजोरी जैसे लक्षण तो दिखते हैं लेकिन साथ ही हार्ट रेट बढ़ना और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं भी होती है।

चूंकि शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन वाले ब्लड की सप्लाई नहीं हो पाती जिसकी वजह से हार्ट तेजी से पंप करता है। जिससे एनीमिया में महिलाओं को कई बार सांस फूलने की दिक्कत होती है।

ब्लड में कम ऑक्सीजन होने की वजह से हार्ट ब्लड की सप्लाई के लिए ज्यादा वर्क करता है। जिसकी वजह से हार्ट रेट अक्सर बढ़ी हुई आती है। एनीमिया के मरीजों में हार्ट रेट कई बार बढ़ी हुई होती है।

पर्याप्त मात्रा में रेड ब्लड सेल्स और हीमोग्लोबिन ब्रेन केमिकल्स जैसे सेराटोनिन, डोपामाइन बनाने में मदद करते हैं। ये केमिकल मेंटल हेल्थ पर असर डालते हैं। आयरन लेवल कम होने से डिप्रेशन और एंजायटी के लक्षण नजर आने लगते हैं। जिसका कारण इन केमिकल्स का पर्याप्त मात्रा में ना बनना शामिल है। डोपामाइन की कमी कई बार रेस्टलेस लेग सिंड्रोम को भी बढ़ाती है।

पीठ और कमर में दर्द पैरों में दर्द सिर दर्द चक्कर आना बेहोशी महसूस होना दिल जोरों से धड़कना सांस फूलना स्किन में पीलापन दिखना बाल और स्किन में ड्राईनेस मुंह में सूजन ड्राई माउथ मुंह में छाले रेस्टलेस लेग टूटे-फूटे नाखून भूख ना लगना पाइका यानी ना खाने वाली चीजों को खाने की क्रेविंग होना

आंखों के नीचे गड्ढे आंखों के नीचे काले घेरे चेहरे पर पीलापन दिखना हथेलियों और उंगली के पोर अगर पीले दिख रहे तो ये सिंपल तरीका है एनीमिया पता करने का। शरीर में इस तरह के लक्षण दिख रहे तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें और ब्लड की जांच कराएं।
