भारतीय रेल न केवल भारत की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह दुनिया के सबसे बड़े और व्यस्त रेल नेटवर्कों में से एक है। वैसे तो भारतीय रेलवे में सफर करने के कई नियम हैं लेकिन बहुत से लोग ऐसे हैं जो रोजाना ट्रेवल करते हैं लेकिन इसके बावजूद रेलवे के रूल्स को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं। ऐसे में हम 8 ऐसे नियमों के बारे में बता रहे हैं जो हर यात्री को पता होने चाहिए।

अगर आपकी टिकट पर कोई और ट्रैवल कर रहा है तो ध्यान रखें कि केवल परिवार के सदस्य ही टिकट पर नाम बदलवा सकते हैं। ऐसा करने के लिए भी आधिकारिक डॉक्यूमेंट जमा करने होते हैं। इसके अलावा अगर ट्रेन टिकट पर नाम गलत हो गया है तो चार्ट तैयार होने से पहले रिजर्वेशन सेंटर में रिक्वेस्ट देकर आप नाम सही करवा सकते हैं।

टिकट कितनी बुक कर सकते हैं इसे लेकर भी कंफ्यूजन रहती है। अगर आईटी से आधार लिंक नहीं है तो आप एक महीने में 12 टिकट बुक कर सकते हैं। अगर आपका IRCTC अकाउंट आधार से लिंक है तो आप एक महीने में 24 टिकट तक बुक कर सकते हैं।

तत्काल टिकट में एक पीएनआर पर 4 पैसेंजर की ही बुकिंग की जा सकती है। हालांकि अब इसके लिए भी आधार ओटीपी वेरिफिकेशन जरूरी है।

कन्फर्म ई-टिकट वाले यात्री बिना किसी कैंसलेशन चार्ज के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको सिर्फ किराया का अंतर देना होगा।

टिकट चेक करने को लिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच टीटीई आपका टिकट चेक नहीं कर सकता। हालांकि अगर आपने रात 10 बजे के बाद बोर्डिंग की है तो टीटीई टिकट चेकिंग के लिए आ सकता है।

मिडल बर्थ को सोने के लिए केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही खोला जा सकता है। बाकी समय इसे बंद रखना होता है ताकि यात्री बैठ सकें।

अगर आप अपनी बोर्डिंग स्टेशन पर नहीं पहुंचते, तो अब टीटीई अगले स्टेशन तक इंतजार नहीं करेगा। वह तुरंत अपने टैबलेट पर सीट को एबसेंट मार्क कर वेटिंग लिस्ट वाले को दे सकता है।

आप अपनी यात्रा से 24 घंटे पहले तक ही ऑनलाइन बोर्डिंग पॉइंट बदल सकते हैं। चार्ट बनने के बाद यह संभव नहीं है। अगर करंट अवेलेबल टिकट की है तो इसमें बोर्डिंग स्टेशन चेंज नहीं कर पाएंगे।
