1/8इंसुलिन अग्न्याशय (पैनक्रियास) में बनने वाला एक हार्मोन है जो खून में शुगर (ग्लूकोज) के स्तर को नियंत्रित करता है। यह शरीर की कोशिकाओं को ग्लूकोज को ऊर्जा के लिए इस्तेमाल करने में मदद करता है। लेकिन जब शरीर में इंसुलिन ज्यादा बनने लगता है, तो समय के साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस, वजन बढ़ना, सूजन और टाइप-2 डायबिटीज जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। दवा और लाइफस्टाइल बदलाव जरूरी हो जाता है, लेकिन सुबह खाली पेट कुछ चीजें खाने या पीने से इंसुलिन बेहतर तरीके से काम कर सकता है। आइए जानते हैं सीके बिड़ला अस्पताल की आंतरिक चिकित्सक डॉ. मनीषा अरोड़ा से, किन चीजों का सुबह खाली पेट सेवन करने से डायबिटीज को कंट्रोल रखा जा सकता है।

सुबह सबसे पहले गुनगुने पानी में थोड़ा नींबू और एक चुटकी दालचीनी डालकर पिएं। नींबू शरीर को डिटॉक्स करता है और पाचन सुधारता है। जबकि दालचीनी इंसुलिन की क्षमता बढ़ाकर कार्ब्स को धीरे-धीरे तोड़ती है, जिससे शुगर अचानक नहीं बढ़ती।

एक गिलास पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका डालकर खाली पेट पिएं। इसका नियमित सेवन करने से शरीर इंसुलिन को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करता है और खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। अगर आपको गैस, एसिडिटी या अल्सर की समस्या है तो इसका सेवन न करें।

मेथी में फाइबर की अधिकता होती है जो शुगर लेवल को धीरे-धीरे अवशोषित होने में मदद करती है। रात को 1 चम्मच मेथी दाना भिगोकर रख दें। सुबह दाने चबा कर खाएं या सिर्फ पानी पी लें। इससे फास्टिंग शुगर कम होती है, इंसुलिन बेहतर काम करता है और भूख भी कंट्रोल रहती है।

चिया सीड्स पानी पीकर जेल जैसे बन जाते हैं, जिससे खाना धीरे पचता है और शुगर नहीं बढ़ती। एक गिलास पानी में 1 चम्मच चिया सीड्स रात भर के लिए भिगोकर रख दें। सुबह खाली पेट पी लें। ये लंबे समय तक पेट भरा हुआ रखने में मदद करता है।

आंवला विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो पैंक्रियास को मजबूत करके इंसुलिन उत्पादन बढ़ाता है। सुबह फ्रेश आंवला जूस पानी में मिलाकर पिएं। इससे दिन भर ब्लड शुगर संतुलित बनी रहती है।

ग्रीन टी मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन को सपोर्ट करती है। अगर इसमें थोड़ी सी दालचीनी डाल दें, तो इसके लाभ और ज्यादा बढ़ जाते हैं। इस चाय में शक्कर या शहद न डालें।

सुबह खाली पेट बहुत मीठी चाय या कॉफी न पिएं। इन आदतों के साथ संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम करें। अगर आप डायबिटिक हैं तो कोई बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें।
