ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने मध्य पूर्व में युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए। इजरायल की ओर से ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया। इसके जवाब में, ईरान ने 13 जून को ऑपरेशन 'ट्रू प्रॉमिस थ्री' के तहत इजरायल पर 100 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया। इस जवाबी कार्रवाई ने इजरायल में तबाही मचाई और कई लोगों की जान गई। चलिए इसे विस्तार से समझते हैं...

ईरान के हमलों में इजरायल में कम से कम 10 से 13 लोगों की मौत हुई। इनमें एक मां, उनकी दो बेटियां और एक रिश्तेदार शामिल हैं, जो तमरा में एक इस्राइली-अरब परिवार के थे। इसके अलावा, एक अन्य हमले में 8 लोग मारे गए, जिनमें 4 बच्चे शामिल थे।

ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों के हमलों में 200 से अधिक लोग घायल हुए। तेल अवीव और यरुशलम जैसे शहरों में हुए हमलों में 34 नागरिक घायल हुए, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई गई।

ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजरायल के आवासीय परिसरों और कार्यालयों को निशाना बनाया। तेल अवीव में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे नागरिकों में दहशत फैल गई। मिसाइलों ने इजरायल के आयरन डोम रक्षा प्रणाली को भेदकर भारी नुकसान पहुंचाया।

ईरान ने तेल अवीव में इजरायली सेना के मुख्यालय को प्रमुखता से निशाना बनाया। हालांकि, इजरायल के मजबूत हवाई रक्षा तंत्र ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, फिर भी कुछ मिसाइलें सैन्य ठिकानों तक पहुंचीं, जिससे काफी नुकसान हुआ।

13 जून की रात को ईरानी मिसाइलों के हमले से तेल अवीव और यरुशलम में हवाई हमले के सायरन बजे, जिससे लोग बंकरों में छिपने को मजबूर हुए। तेल अवीव का आसमान मिसाइलों से भर गया, जिसे कयामत की रात बताया गया।

इजरायल की आयरन डोम और अन्य हवाई रक्षा प्रणालियों ने ईरानी ड्रोनों और मिसाइलों को रोकने में अहम भूमिका निभाई। इजरायली सेना ने दावा किया कि उन्होंने कई ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान टला।

हमलों के कारण तेल की कीमतों में 7% की वृद्धि हुई, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया। इजरायल में नागरिकों में भय और अनिश्चितता का माहौल बना, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ा।

ईरान के हमलों ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया। अमेरिका, जॉर्डन और सऊदी अरब ने इजरायल की सहायता की, जिससे क्षेत्रीय समीकरण जटिल हो गए। ईरान ने इजरायल के हमलों को युद्ध का ऐलान करार दिया, जिससे पूर्ण युद्ध की आशंका बढ़ गई।
