when kishore kumar said this song not made for me, rafi sahab can sing it, know more about this emotional song जब किशोर कुमार ने कहा था- ये गाना मेरे लिए नहीं बना, आप इसे रफी से गवाइए, सुनते ही रो पड़ते हैं लोग
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जब किशोर कुमार ने कहा था- ये गाना मेरे लिए नहीं बना, आप इसे रफी से गवाइए, सुनते ही रो पड़ते हैं लोग

किशोर कुमार को लेकर ऐसी कहावत मशहूर थी कि ऐसा कोई गाना नहीं बना है जो वो नहीं गा सकते। लेकिन 1971 में आई एक फिल्म के गीत पढ़ते ही किशोर बोल पड़े- 'ये गाना मेरे लिए नहीं बना है, इसे आप रफी साहब से गवाइए’। इस गाने को सुनते ही थिएटर में ऑडियंस रो पड़ी थी।

Usha ShrivasSun, 22 June 2025 09:11 AM
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किशोर कुमार और रफी साहब

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में किशोर कुमार को सबसे महान सिंगर्स में से एक माना जाता है। 60, 70 और 80 के दशक में उनके ही गाए गाने गूंजते थे। रोमांटिक गाना हो या अपनी दर्द भरा, किशोर अपनी शानदार आवाज से उस गाने को खास बना देते थे।

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रफी साहब से गवाइए

उस समय ऐसी कहावत थी कि ऐसा कोई गाना नहीं बना है जिसे किशोर कुमार नहीं गा सकते। लेकिन किशोर कुमार ने इसी कहावत से पीछे छोड़ते हुए एक गीत को गाने से मना कर दिया था। उन्होंने मेकर्स से कहा था ये गाना मेरे लिए नहीं बना। इसे रफी साहब से गवाइए।

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किशोर कुमार और राजेश खन्ना

किशोर कुमार ने ही राजेश खन्ना के लिए ये शाम मस्तानी, ये जो मोहब्बत है, कुछ तो लोग कहेंगे, हमें तुमसे प्यार कितना जैसे सदाबहार गाने गाए। रूप तेरा मस्ताना के लिए तो उन्होंने अवार्ड भी जीता था। किशोर कुमार के इन गानों ने राजेश खन्ना को स्टार बनने में मदद की।

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राजेश खन्ना के लिए नहीं गाया ये गाना

राजेश खन्ना, किशोर कुमार की ही आवाज में अपनी फिल्मों में ही गाना गवाते थे। कई बार तो फिल्म साइन करने से पहले वो सिंगर का नाम सामने रख देते थे। लेकिन एक ऐसा गाना किशोर कुमार के सामने आया जिसे गाने से किशोर कुमार ने मना कर दिया। ये बात जब राजेश खन्ना को पता चली तो वो हैरान हो गए।

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हाथी मेरे साथी

बात है 1971 में आई राजेश खन्ना की फिल्म हाथी मेरे साथी की। इस फिल्म के गाने को छोड़कर सभी गाने किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने गाए। जब वो इस फिल्म के सबसे खास गाने को रिकॉर्ड करने के लिए उनके बोल पढ़ने लगे तो उन्होंने पढ़ते ही गाना गाने से मना कर दिया।

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ये गाना मेरे लिए नहीं बना है

इस फिल्म के सभी गाने लक्ष्मीकांत और प्यारे लाल की जोड़ी ने तैयार किए थे। किशोर कुमार ने इस खास गाने के बोल पढ़ने के बाद म्यूजिक कंपोजर से कहा कि ‘ये गाना मैं नहीं गा सकता, ये गाना मेरे लिए नहीं बना है’। सिंगर ने आगे बोला कि आप ये गाना रफी साहब से गवाइए।

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किशोर कुमार और रफी साहब

किशोर कुमार के मन में रफी साहब के लिए जो इज्जत और प्यार था वो उनकी आंखो में झलक रहा था। ये एक सच्चे कलाकार की पहचान थी। लेकिन राजेश खन्ना सिंगर के इस फैसले से खुश नहीं थे। किशोर ने उन्हें मनाया और समझाया।

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ये गाना सुन रो पड़ी ऑडियंस

किशोर कुमार के कहने पर जब मोहम्मद रफी को फिल्म के इस अकेले गाने के लिए बुलाया गया। उन्होंने ये गाना अपनी आवाज में गाया। और जब ये गाना सिनेमा हॉल में बजा तो हर किसी की आंखे नम थीं। हर कोई बस रो रहा था। वो गाना था ‘नफरत की दुनिया को छोड़ कर प्यार की दुनिया में खुश रहना मेरे यार’।

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आज भी रुला देता है गाना

ये अकेला ऐसा गाना था जो बाकी सभी गानों पर भारी पड़ा। इसे बिना फिल्म के भी कोई सुनता तो रो पड़ता। रफी साहब की आवाज का दर्द इस गाने में ऐसे घुल गया जैसे इसे सुनने वाला अपने दर्द से छोड़कर देख रहा हो। ये गाना आज भी रुला देता है।