1/8अप्रैल 1993 में एक फिल्म आई थी दामिनी। कम ही लोग होंगे जिन्होंने ये फिल्म देखी या इसके बारे में सुना नहीं हो। ये वही फिल्म है जिसमें सनी देओल ने वकील गोविंद श्रीवास्तव का किरदार निभाया था। उन्हीं का डायलॉग ‘तारीख पर तारीख’ आज भी मशहूर है।

इस फिल्म में दामिनी का किरदार एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री और एक्टर ऋषि कपूर ने लीड रोल निभाया था। लेकिन इस फिल्म से असली फायदा सनी देओल के सपोर्टिंग किरदार को हुआ। लेकिन क्या आप जानते हैं पहले ये किरदार सनी देओल नहीं बल्कि ओमपुरी निभाने वाले थे।

कोर्टरूम ड्रामा फिल्म में जज के सामने चड्ढा साहब के साथ सनी देओल की जगह ओमपुरी बहस कर रहे होते। एक्टर को किरदार भी पसंद आया था। लेकिन सिर्फ पैसों की वजह से ये किरदार उनके हाथ से चला गया।

रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के प्रोड्यूसर मोरानी ब्रदर्स और ओमपुरी के सेक्रेटरी के बीच पैसों को लेकर विवाद हो गया था। ऐसे में ये किरदार ओमपुरी के साथ से चला गया। बाद में राजकुमार संतोषी ने प्रोड्यूसर को सनी देओल के नाम का सुझाव दिया।

सनी उस समय लीड हीरो थे, मोटी फीस ले रहे थे। लेकिन जब राजकुमार संतोषी उनके पास दामिनी की स्क्रिप्ट लेकर पहुंचे वो उन्हें वकील गोविंद श्रीवास्तव का किरदार इतना पसंद आया कि उन्होंने सपोर्टिंग किरदार के लिए भी हामी भर दी।

सनी देओल के किरदार गोविंद की एंट्री फिल्म में बहुत देरी से होती है। लेकिन उनका छोटा लेकिन दमदार रोल फिल्म के सभी एक्टर्स पर भारी पड़ जाता है।

फिल्म के लीड ऋषि कपूर ने भी अपनी बायोग्राफी में इस फिल्म का ज़िक्र करते हुए बताया है कि सनी देओल का रोल इस तरह से लिखा गया था कि वो सबसे ऊपर निकल गया। कोर्ट रूम सीन में अंत में जब तालियां बजती हैं उससे फिल्म सनी देओल की हो चुकी थी।

अवार्ड्स इस फिल्म में सपोर्टिंग किरदार निभाने के लिए सनी देओल ने फिल्मफेयर और नैशनल अवार्ड जीता था।
