1/8अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र देओल की 'शोले' सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि भारतीय सिनेमा का एक इतिहास है। आइए आपको इस फिल्म से जुडे कुछ अनसुने और दिलचस्प फैक्ट्स बताते हैं।

अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र के किरदारों के नाम (जय और वीरू) लेखक सलीम खान के कॉलेज के दोस्तों, वीरेंद्र सिंह बैस और जय सिंह राव कालेवार के नाम पर रखे गए थे। वे अब इस दुनिया में नहीं हैं।

क्या आप जानते हैं कि सलीम-जावेद की जोड़ी पहले इस फिल्म का नाम 'अंगारे' रखना चाहती थी? बाद में सलीम खान के सुझाव पर इसे 'शोले' किया गया।

गब्बर का किरदार एक असली डाकू से प्रेरित था, जो 1950 के दशक में ग्वालियर में सक्रिय था। वह पुलिसवालों के नाक और कान काट देने के लिए मशहूर था।

जावेद अख्तर ने अमजद खान को 1963 के एक नाटक 'ऐ मेरे वतन के लोगों' में देखा था और गब्बर के रोल के लिए उनके नाम का प्रस्ताव रखा था।

ठाकुर की बहू का किरदार निभाने वालीं एक्ट्रेस जया बच्चन, फिल्म की शूटिंग के दौरान प्रेग्नेंट थीं। उनकी पेट में श्वेता बच्चन थीं। जबकि फिल्म के प्रीमियर के समय वह अभिषेक बच्चन की मां बनने वाली थीं।

फिल्म का आइकॉनिक ट्रेन डकैती सीन मुंबई-पुणे रेल लाइन पर शूट हुआ था, जिसे पूरा करने में 20 दिन का समय लगा था।

यह भारतीय सिनेमा की पहली फिल्म थी जिसने देशभर के 100 से ज्यादा सिनेमाघरों में सिल्वर जुबली (25 हफ्ते) मनाई थी।
