1/12यासिर उस्मान ने संजय दत्त की बायोग्राफी लिखी है। उस बायोग्राफी में संजय और ऋचा के रिश्ते का ज़िक्र है। दोनों की लव स्टोरी कैसे शुरू हुई और शादी तक कैसे पहुंची, बेटी त्रिशाला का जन्म और फिर कैंसर से मौत।

ये बात है 1980 के शुरुआती सालों की। उस दौरान देवानंद अपनी किसी फिल्म को प्रमोट करने अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ऋचा से हुई थी। देवानंद ने ऋचा को फिल्मों में कास्ट करने की बात कही। लेकिन साल बीत गए ऋचा को कोई फोन नहीं आया।

फिर 1984 में ऋचा को एक देवानंद ने फोन कर उन्हें अपनी फिल्म में काम करने के लिए बुलाया। ऋचा ने भी अपना सारा सामान पैक किया और निकल गई। इंडस्ट्री में आते ही उनके नाम के चर्चे होने लगे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात संजय दत्त से हुई।

संजय दत्त ने ऋचा के साथ पहली मुलाकात याद करते हुए कहा, "मैं रिचा से पहली दफा मेरी एक फिल्म के मुहुर्त के मौके पर सी रॉक होटल में मिला था। उसने जीन्स और मल्टी कलर्ड टॉप पहना हुआ था। मैंने उसके बारे में पूछताछ की। कुछ दिन बाद मैंने उसे फोन किया और उससे कॉफ़ी पीने कहीं साथ चलने को पूछा।"

इसके बाद ऋचा और संजय एक दूसरे के प्यार में थे। ऋचा से पहले संजय एक्ट्रेस किम काटकर को डेट कर रहे थे। उस समय एक मैगजीन पर हैडलाइन थी ‘Sanjay Ditches Kimi For Richa’।

अक्टूबर 1987 में ऋचा और संजय ने अमेरिका जाकर शादी कर ली। शादी के करीब एक साल बाद 1988 में संजय दत्त बेटी त्रिशाला के पिता बने। ऐसा लगा जैसे नरगिस दत्त के जाने के बाद घर में वापस से खुशियां लौट आई हों। लेकिन किसे पता था ये खुशियां नहीं दत्त परिवार में कैंसर वापस लौटा था।

उस समय संजय दत्त 4 महीने की बेटी त्रिशाला और ऋचा के साथ दिल्ली में फंक्शन में शामिल होने गए थे। संजय को शूटिंग के लिए वापस लौटना था इसिये वो ऋचा को दिल्ली छोड़कर मुंबई के लिए रवाना हो गए।

संजय एयरपोर्ट पर ही पहुंचे थे कि तभी एक अनाउंसमेंट हुई। अनाउंसमेंट थी, मिस्टर संजय दत्त, आप जहां कहीं भी हैं। काउंटर पर पहुंचिए। संजय के लिए क्लिनिक से कॉल था जहां ऋचा अपने सिर के दर्द को डॉक्टर्स को दिखाने पहुंची थीं।

संजय समझ गए थे कि बात गंभीर है वो तुरंत क्लिनिक पहुंचे। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि पत्नी ऋचा को ट्यूमर हुआ है। एक्टर ने पूछा ये कैसा ट्यूमर है जिसके जवाब में डॉक्टर ने कहा कैंसर। बस यहीं दत्त परिवार के घर आई खुशियां दुख में बदल चुकी थीं।

जिंदगी का सबसे बड़ा इत्तेफाक यही था कि जब संजय दत्ता ऋचा के ट्रीटमेंट के लिए अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंचे तो उन्हें उसी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया जहां कभी नरगिस दत्त का इलाज हुआ था। नाम था Sloan Kettering Hospital।

इलाज के दौरान ऋचा अमेरिका में अपने पेरेंट्स के देखरेख में ही रहीं। एक्टर की बहन प्रिया दत्त ने कुछ समय तक अमेरिका में रहकर भाभी और भतीजी त्रिशाला का ध्यान रखा। संजय दत्त भी शुरुआत में उनसे मिलने न्यूयॉर्क आते जाते रहे। इसी दौरान ऋचा की तीन सर्जरी हुईं।

इसी दौरान संजय और ऋचा का रिश्ता भी खत्म होता गया। इस रिश्ते का असर ऋचा की हेल्थ पर पड़ रहा था। अंत में 1996 में ऋचा ने अपनी आखिरी सांस ली। बेटी त्रिशाल को अपने पेरेंट्स के पास छोड़कर ऋचा दुनिया छोड़ चुकी थीं।
