Pehchan Kon 1962 Guru Dutt Film Won National Award Waheeda Rehman 8 1 IMDb Rating Saheb Biwi aur Ghulam 1962 में आई गुरु दत्त की इस फिल्म को मिला था नेशनल अवार्ड, 8.1 है आईएमडीबी रेटिंग
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1962 में आई गुरु दत्त की इस फिल्म को मिला था नेशनल अवार्ड, 8.1 है आईएमडीबी रेटिंग

हिंदी सिनेमा के सबसे महान फिल्ममेकर्स में से एक गुरु दत्त की उस फिल्म के बारे में हम आपको बता रहे हैं जिसने साल 1962 में नेशनल अवार्ड जीता था। यह फिल्म एक किताब पर आधारित थी। 

Harshita PandeyFri, 25 July 2025 11:20 AM
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1962 में रिलीज हुई फिल्म

साल 1962 में एक फिल्म रिलीज हुई। फिल्म ने नेशनल अवार्ड जीता। इस फिल्म को गुरु दत्त के करियर की सबसे बड़ी और बेहतरीन फिल्मों में से एक माना जाता है।

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मीना कुमारी

फिल्म में गुरु दत्त के साथ वहीदा रहमान और मीना कुमारी नजर आई थीं। क्या आप पहचान पाए इस फिल्म का नाम?

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फिल्म ने जीता था नेशनल अवार्ड

अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं। इस फिल्म का नाम है- साहिब बीबी और गुलाम। यह फिल्म साल 1962 में रिलीज हुई थी और फिल्म ने नेशनल अवार्ड जीता था।

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भूतनाथ था गुरु के किरदार का नाम

गुरु दत्त की इस फिल्म में गुरु दत्त ने भूतनाथ का किरदार निभाया था। वहीं, जबा का किरदार वहीदा रहमान ने निभाया था। छोटी बहू के किरदार में मीना कुमारी नजर आई थीं।

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फिल्म ने जीते कुल 6 अवार्ड्स

आईएमडीबी के मुताबिक, इस फिल्म ने नेशनल अवार्ड समेत कुछ छह अवार्ड्स जीते थे जिसमें से चार फिल्मफेयर अवार्ड्स थे।

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मीना कुमारी को मिला था बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड

बेस्ट फिल्म का फिल्मफेयर अवार्ड इन फिल्म ने जीता था। मीना कुमारी ने बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवार्ड जीता था। बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट सिनमेटोग्राफर का फिल्मफेयर अवार्ड भी साहिब बीबी और गुलाम को मिला था।

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बंगाली उपन्यास पर आधारित है फिल्म की कहानी

इस फिल्म की कहानी बिमल मित्रा के 1953 के बंगाली उपन्यास साहेब बीबी गोलम पर आधारित है। इस फिल्म को अबरार अलवी ने डायरेक्ट किया है।

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कौन हैं फिल्म के लेखक

इस फिल्म की कहानी की बात करें तो फिल्म की कहानी भी अबरार अलवी और बिमल मित्रा ने लिखी थी। अपनी किताब बिछड़े सभी बारी-बारी में बिमल बताते हैं कि इसी फिल्म के दौरान उन्होंने गुरु दत्त को करीब से जाना था और वो उनके दोस्त बन गए थे।

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बिमल नहीं चाहते थे किताब पर बने फिल्म

बिमल मित्रा की इस किताब पर पहले ही एक बंगाली फिल्म बन चुकी थी। बिमल नहीं चाहते थे कि इसपर कोई और फिल्म बने। हालांकि, गुरु दत्त के बार-बार कहने पर वो मुंबई जाकर गुरु दत्त से मिलने के लिए मानें और उनसे मिलकर वो फिल्म बनाने के लिए मान गए।

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IMDb रेटिंग

गुरु दत्त की इस फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग की बात करें तो फिल्म की रेटिंग 8.1 है। इस फिल्म को आप यूट्यूब पर फ्री में देख सकते हैं।