1/9मुंबई का मराठा मंदिर काफी फेमस है। यहां लोग फिल्में देखने जाते हैं। इतना ही नहीं यह मुंबई का टूरिस्ट पॉइंट भी है। बताते हैं आज आपको इस थिएटर के बारे में कुछ खास बातें।

आपने मुंबई के मराठा मंदिर थिएटर का नाम तो सुना होगा। वहां कई बॉलीवुड फिल्में रिलीज होती हैं। बता दें कि इस थिएटर को 1958 में शुरू किया था। इस थिएटर को पहले मराठा मंदिर समाज रखा गया था, लेकिन फिर बाद में थिएटर का नाम मराठा मंदिर सिनेमा रखा गया। इसे मराठा मंदिर ट्रस्ट चलाती है।

ओल्ड बॉम्बे इंस्टाग्राम पेज की रिपोर्ट के मुताबिक इस थिएटर की सिटिंग कैपेसिटी 1100 है। यह मुंबई के पॉपुलर सिनेमा हॉल में से एक है।

इस सिनेमा हॉल में एनिवल मराठा मंदिर फिल्म फेस्टिवल होता है। यह फेस्टिवल हर साल होता है जनवरी में। इस फेस्टिवल में मराठा फिल्मों की स्क्रीनिंग होती है। यह मराठा फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा इवेंट होता था।

1960 और 70 के दशक के दौरान ऐसा माना जाता था कि जिस फिल्म का प्रीमियर मराठा मंदिर में हो जाए, उसका सुपरहिट होना तय है। कई फिल्मों का यहा प्रीमियर हुआ है।

मराठा मंदिर के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर मनोज देसाई ने सेक्स वर्कर्स के लिए एक स्पेशल रूल निकाला था। दरअसल, कई प्रॉस्टीट्यूट्स फिल्म देखने जाती थीं। मनोज उन्हें देखते थे और जब वह उनसे मिले तो उन्होंने उनके लिए एक रूल निकाला कि कोई भी सेक्स वर्कर टिकट लाइन पर नहीं लगेंगी।

मनोज ने यह रूल इसलिए बनाया क्योंकि सेक्स वर्कर्स रात भर काम करती हैं इसलिए दिन में वह ब्रेक लेकर अपना टाइम एंजॉय करने आती हैं फिल्मों में।

वहीं इस थिएटर से जिस फिल्म का गहरा कनेक्शन है वो है दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे। यह फिल्म इस थिएटर में 30 साल से स्क्रीन हो रही है।

मनोज ने एक बार बताया था कि कुछ साल पहले मैंने कहा कि मराठा मंदिर में अब डीडीएलजे का आखिरी हफ्ता है। तब कई लोग भड़क गए थे और 40-50 लोग उनके थिएटर में पहुंच गए। तब उन्होंने कहा कि वह इस फिल्म को नहीं हटाएंगे।
