Mohammed Rafi called him his son, this singers story from success to flop will surprise you, connection with Arshad मो. रफी के इस मुंहबोले बेटे का करियर इसलिए हो गया था बर्बाद, अरशद वारसी से निकला सगा कनेक्शन
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मो. रफी के इस मुंहबोले बेटे का करियर इसलिए हो गया था बर्बाद, अरशद वारसी से निकला सगा कनेक्शन

एक ऐसा सिंगर हुआ जिसकी आवाज सुनकर खुद मोहम्मद रफी धोखा खा गए थे। सिंगर को अपना बेटा मानते थे रफी साहब। अपनी शानदार आवाज के लिए मशहूर हुए इस सिंगर का ऐसा भी समय आया जब बॉलीवुड ने इन्हें भुला दिया। घर चलाने के लिए सिंगर को रेस्टोरेंट में गीत गाने पड़े। अरशद वारसी के हैं खास रिश्तेदार।

Usha ShrivasMon, 8 Sep 2025 04:07 PM
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मोहम्मद रफी का मुंहबोला बेटा

हम बारत कर रहे हैं 1970 के दशक की। इस समय इंडस्ट्री में सिंगर अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल कर रहा था। उसकी आवाज मोहम्मद रफी से इतनी मिलती थी कि खुद सिंगर भी धोखा खा गए थे। एक बार जब रफी साहब ने सिंगर को सुना तो हैरान हो गए। उन्हें लगा जैसे वो अपनी ही आवाज में गजल सुन रहे हैं।

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गाने

मोहम्मद रफी जैसी आवाज के लिए मशहूर ये सिंगर थे अनवर हुसैन जिन्होंने हिंदी फिल्मों में ‘मोहब्बत अब तिजारा बन गई है’ , ‘जिंदगी इम्तिहान लेती है’, ‘सोहनी मेरी सोहनी’ जैसे शानदार गाने गाए थे।

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रफी जैसी आवाज

अनवर हुसैन के लिए फिल्मों का सफर आसान नहीं था लेकिन सिंगर को मोहम्मद रफी की जैसी आवाज होने की वजह से पहचान मिली। उनके गाने रफी के गाने समझ कर बिकते थे। हालांकि, इसी वजह से इन्हें रिजेक्शन का सामना भी करना पड़ा। म्यूजिक कंपोजर को लगता था जब खुद रफी साहब जिंदा हैं तो अनवर से क्यों गाना गंवाए।

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पहली पसंद

इस बीच मोहम्मद रफी का इंतकाल हो गया। सिंगर के निधन के बाद अनवर फिल्ममेकर्स की पहली पसंद हो बन गए। उन्होंने मनमोहन देसाई की कई फिल्मों के लिए गाने गाए। उस समय अनवर मेकर्स की पहली पसंद बनते जा रहे थे, कई सालों तक वो फिल्मों के लिए गाने गाते रहे।

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रफी के बेटे

अनवर बताते हैं जब वो सफल हुए तो एक बार अपने आदर्श रफी साहब से मिलने उनके घर जा पहुंचे थे। उस समय रफी साहब ने उन्हें अपना बेटा कहकर घरवालों से मिलवाया था।

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फीस

लेकिन फिर एक ऐसा दौर भी आया जब अनवर हुसैन घमंड में डूबते गए। उन्होंने काम देने वाले फिल्ममेकर्स से ज्यादा फीस मांगनी शुरू कर दी। ये बात मनमोहन देसाई, राज कपूर समेत कई डायरेक्टर्स को पसंद नहीं। पहले अनवर हर गाने के लिए 5 हजार फीस लिया करते थे। लेकिन फिल्म मर्द के लिए अपनी फीस 6 हजार कर दी।

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शब्बीर कुमार और मोहम्मद अजीज

अनवर ने जब फीस बढाई तो फिल्ममेकर्स ने सिंगर के साथ काम करना बंद कर दिया। उस समय तक नए सिंगर भी इंडस्ट्री में कदम रख चुके थे। ऐसे में मेकर्स ने उन्हें रिप्लेस करना शुरू कर दिया। ऐसे में सिंगर शब्बीर कुमार, मोहम्मद अजीज को मौके मिलने लगे। इसके बाद उदित नारायण और कुमार सानू का दौर भी आया और इस तरह अनवर भुला दिए गए।

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बर्बादी का कारण

अनवर ने अपने इंटरव्यू में माना था कि उन्हें अपनी फीस नहीं बढ़ानी चाहिए थी। वो अक्सर किसी से सलाह-मशवरा नहीं लिया करते थे। रिकॉर्डिंग स्टूडियो में लेट पहुंचना उनकी बर्बादी का कारण बना।

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रेस्टोरेंट में गाना

अनवर की स्थिति बुरी हो गई।उन्होंने एक एल्बम बनाने के लिए लोन लिया था। एल्बम फ्लॉप हुई और लोन चुकाने के चक्कर में वो सड़कों पर आ गए। 66 साल के अनवर ने घर चलाने के लिए रेस्टोरेंट में गाने गाए।

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अरशद वारसी

वैसे बता दें कि फिल्म एक्टर अरशद वारसी सिंगर अनवर हुसैन के सौतेले भाई हैं। अनवर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके भाई ने उनकी आर्थिक मदद करने से मना कर दिया था।