Lata Mangeshkar Ae Mere Watan Ke Logo Song was written on the cigarette foil by pradeep jawaharlal Listen He cried सिगरेट की डिब्बी के एल्यूमिनियम फॉयल पर लिखा गया गाना था ये गाना, जिसे सुनकर रो पड़े थे नेहरू
More
Hindi Newsफोटोमनोरंजनसिगरेट की डिब्बी के एल्यूमिनियम फॉयल पर लिखा गया गाना था ये गाना, जिसे सुनकर रो पड़े थे नेहरू

सिगरेट की डिब्बी के एल्यूमिनियम फॉयल पर लिखा गया गाना था ये गाना, जिसे सुनकर रो पड़े थे नेहरू

 ये गाना चीन युद्ध में देश की सीमाओं पर प्राण गंवाने वाले शहीदों की स्मृति में यह गीत लिखा गया था। ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि इस गाने को बेहद ही कम समय में लिखना था और इस काम को प्रदीप जी ने पूरा किया था।

Priti KushwahaFri, 1 May 2026 06:02 AM
1/7

सिगरेट की डिब्बी के एल्यूमिनियम फॉयल पर लिखा गया गाना था ये गाना

हिंदी सिनेमा के कई गाने ऐसे हैं, जिनका एक अलग ही इतिहास है। एक ऐसा ही गाना लता मंगेशकर का है। लता ने अपने करियर में कई आइकॉनिक गाने इस इंडस्ट्री को दिए हैं।

2/7

इतिहास के पन्नों में दर्ज है ये गाना

एक ऐसा ही गाना आज भी इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जसकी मूल कॉपी सुनकर देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी रो पड़े थे। आइए जानते हैं गायिका के इस गाने से जुड़े किस्सों के बारे में-

3/7

ये है वो ऐतिहासिक गाना

लता मंगेशकर के हम जिस गाने की बात कर रहे हैं वो 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाना है। ये गाना चीन युद्ध में देश की सीमाओं पर प्राण गंवाने वाले शहीदों की स्मृति में यह गीत लिखा गया था। ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि इस गाने को बेहद ही कम समय में लिखना था और इस काम को प्रदीप जी ने पूरा किया था।

4/7

सौ पंक्तियों लिखी गई थीं गाने की

प्रदीप जी ने इस गाने की दस या बारह पंक्तियां नहीं, बल्कि सौ से भी ज्यादा पंक्तियां लिखी थीं। हालांकि, इसमें से महज सोलह पंक्तियां ही गाने में ली गई। गाने के एक-एक बोल ने लोगों के दिलों को छुआ।

5/7

सिगरेट डिब्बी के एल्यूमिनियम फॉयल पर लिखा गया था गाना

'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाने को लता मंगेशकर ने जितने फील से गाया है, वो अपने आप में बहुत खास है। कवि प्रदीप ने बाद में बताया कि जब वो माहीम बीच मुंबई पर टहल रहे थे, तब ये शब्द उनके दिमाग में आए। तब न उनके पास पेन थी और ना कागज। उन्होंने पास से गुजर रहे एक अजनबी से पेन मांगा। फिर सिगरेट डिब्बी के एल्युमिनियम फॉयल पर इसे लिखा।

6/7

गाना सुनकर रो पड़े थे नेहरू

'ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी' गाना आज भी लोगों के अंदर एक जोश भर देता है। ये गाना आज भी देश के लिए कुर्बान हुए शहीदों की याद दिलाता है। ये गाना सुनने में जितना भावुक है, गाने में भी उतना ही भावुक था। दरअसल लोगों की आंखों में आंसू भरने वाला यह गीत खुद लता मंगेशकर और देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आंखें भी नम कर गया था।

7/7

आशा ताई गाने वाली थी ये गाना

आपको बता दें कि 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाने के लिए पहली पसंद लता मंगेशकर नहीं, बल्कि आशा भोसले थीं। इस गीत की रिहर्सल आशा से करवाई गई थी। लेकिन जब लता ने इस गाने के सुना तो उन्होंने इस गाने को गाने की अपनी इच्छा जाहिर की। हालांकि, इस पर आशा ने भी कोई आपत्ति नहीं जताई और यह गीत इतिहास बना।