1/8दिलजीत दोसांझ आज एक ग्लोबल आइकन बन चुके हैं, लेकिन उनकी यह सफलता विवादों से अछूती नहीं रही है। उनके करियर में कई बार ऐसे मोड़ आए जब वे राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में रहे।

साल 2020 में भारत के किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत दोसांझ और एक्ट्रेस कंगना रनौत के बीच ट्विटर पर जबरदस्त बहस हुई थी। कंगना ने एक बुजुर्ग महिला प्रदर्शनकारी को '100 रुपये में उपलब्ध' बताया था, जिस पर दिलजीत ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उनकी ठेठ पंजाबी में दी गई प्रतिक्रियाओं ने उन्हें रातों-रात किसानों का मसीहा बना दिया था, जबकि कंगना ने उन्हें करण जौहर का पालतू तक कह दिया था।

दिलजीत पर अक्सर कुछ समूहों द्वारा खालिस्तानी विचारधारा का समर्थन करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। विशेष रूप से जब उन्होंने किसान आंदोलन का समर्थन किया, तो सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया। हालांकि, दिलजीत ने इन आरोपों को हमेशा नकारा है और स्पष्ट किया है कि वे केवल पंजाब और वहां के लोगों के हक की बात करते हैं। उन्होंने अपना इनकम टैक्स सर्टिफिकेट साझा कर खुद को एक सच्चा देशभक्त भारतीय भी साबित किया था।

साल 2023 में जब दिलजीत कोचेला म्यूजिक फेस्टिवल में परफॉर्म कर रहे थे, तब एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने भारतीय तिरंगे का अपमान किया है। दरअसल, उन्होंने भीड़ में तिरंगा लहरा रही एक लड़की को देखकर पंजाबी में कहा था, ये मेरा देश का झंडा है, इसे प्यार करो। आलोचकों ने उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला था, जिसका उन्होंने बाद में कड़ा जवाब दिया था।

करियर के शुरुआती दौर में दिलजीत के कुछ गानों, जैसे '15 साल' की काफी आलोचना हुई थी। इन गानों पर शराब को बढ़ावा देने के आरोप लगे थे। उस विवाद के बाद दिलजीत ने अपनी साफ-सुथरी छवि बना ली है और उन्होंने अपने संगीत के चयन में काफी बदलाव किए हैं।

दिलजीत के अंतरराष्ट्रीय दौरों और संगीत वीडियो में कुछ खास प्रतीकों के इस्तेमाल के कारण उन पर 'इल्यूमिनाटी' नामक गुप्त संगठन का हिस्सा होने का आरोप लगा था। दिलजीत ने इन दावों पर हंसते हुए सफाई दी थी कि यह संकेत उनके लिए क्राउन चक्र और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है, न कि किसी गुप्त संस्था का।

हाल ही में 2024-25 के दौरान, जब दिलजीत 'कौन बनेगा करोड़पति' में शामिल हुए थे और उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए थे, तो कुछ कट्टरपंथी सिख समूहों ने उनकी आलोचना की थी। उनका तर्क था कि 1984 के दंगों के संदर्भ में बच्चन की भूमिका पर विवाद रहा है इसलिए दिलजीत को ऐसा नहीं करना चाहिए था। दिलजीत ने इस पर मौन रहकर अपनी मर्यादा बनाए रखी थी।

2012 में, जब दिलजीत का करियर नई ऊंचाइयों को छू रहा था, आयकर विभाग ने उनके घर और दफ्तर पर छापा मारा था। हालांकि, जांच के बाद कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आई थी, लेकिन इसने उस समय मीडिया में काफी हलचल पैदा की थी।
