1/8सुनील दत्त के सगे छोटे भाई हुआ करते थे जिनका नाम था सोम दत्त। जब सुनील दत्त फिल्मों में बतौर एक्टर अपनी किस्मत चमका रहे थे। तभी सोम दत्त दत्त परिवार के ही अजंता प्रोडक्शन हाउस की बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।

सोम दत्त कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थे। लेकिन एक रोज उन्होंने भी मन बनाया कि वो भी हीरो बनेंगे। ऐसे में उनके बड़े भाई सुनील दत्त ने छोटे भाई का सपना पूरा करने के लिए उन्हें अपने प्रोडक्शन हाउस में बनने वाली फिल्मों से लॉन्च करने का विचार किया।

ये बात 1960 के दशक के अंतिम सालों की है। उन दिनों सुनील दत्त नए एक्टर्स को भी मौका दिया करते थे। कई छोटे कलाकार सुनील दत्त की वजह से हीरो बन पाए थे। उन्हीं दिनों सुनील दत्त की मुलाकात एक ऐसे कलाकार से हुई जिसकी खूबसूरती, कद-काठी देख खुद सुनील दत्त भी प्रभावित हुए।

सुनील दत्त और इस शख्स की मुलाकात एक फिल्मी पार्टी में हुई थी। ये शख्स की और नहीं बल्कि विनोद खन्ना थे। सुनील, विनोद से प्रभावित हुए और उन्हें अपनी फिल्मों में लॉन्च करने का विचार किया।

सुनील दत्त, विनोद खन्ना को लेकर फिल्म ‘मन का मीत’ बनाने वाले थे। लेकिन क्योंकि वो अपने भाई सोम दत्त को भी लॉन्च करना चाहते थे। तो ऐसे में उन्होंने 1969 में आई फिल्म ‘मन का मीत’ के लिए सोम दत्त को बतौर हीरो लॉन्च किया और विनोद खन्ना को विलेन बना दिया।

फिल्म रिलीज हुई और दोनों एक्टर्स को पसंद किया गया। उस दौरान फिल्म का हीरो बनना बड़ी बात थी। विलेन को कम नोटिस किया जाता था। लेकिन विनोद खन्ना की खूबसूरत पर्सनालिटी के आगे हीरो बने सोम दत्त फीके पड़ गए।

ऑडियंस ने ‘मन का मीत’ के हीरो सोम दत्त के साथ अन्याय करते हुए विनोद खन्ना को प्यार दिया और इस फिल्म के बाद विनोद खन्ना फिल्म मेकर्स की पहली पसंद बनने लगे। इसी फिल्म के बाद विनोद खन्ना को बतौर हीरो और विलेन दोनों ही किरदारों में पसंद किया जाने लगा।

सोम दत्त ने कुछेक फिल्मों में काम किया लेकिन जब करियर फ्लॉप हुआ तो वो अपने गांव लौट गए। साल 2015 में उनके निधन की खबर सामने आई थी।
