1/9नोरा फतेही और संजय दत्त का गाना 'सर के चुनर सर के' भयंकर ट्रोल हो रहा है। वजह है इसकी वल्गर लिरिक्स है। यह पहला मौका नहीं है जब गाने की डबल मीनिंग लिरिक्स पर बवाल मचा हो। यहां ऐसे गानों की लिस्ट है जिन्हें किसी के सामने गाया तक नहीं जा सकता। जानें ये किसने लिखे हैं।

इस कॉन्ट्रोवर्शियल गाने के लिरिसिस्ट हैं यानी लेखक रकीब आलम हैं। उन्होंने पुष्पा, पुष्पा2, गोट जैसी फिल्मों के गाने लिखे हैं। विवादित लिरिक्स हैं, पहले उठाके, अंदर वो डाले...आगे और भी ऐसी आपत्तिजनक बातें हैं जिन पर बवाल मचा है। लोग लिख रहे हैं कि ये गाना बाकी गानों की तरह डबल मीनिंग भी नहीं बल्कि सीधी-सीधी अश्लीलता है।

संजय दत्त का एक और गाना भी काफी विवादित रह चुका है। खलनायक फिल्म के गाने चोली के पीछे क्या है का विरोध हुआ था। जिसके बाद मेकर्स ने तर्क दिया कि गाना राजस्थानी लोकगीत पर आधारित है। सीधे से कोई अश्लील शब्द नहीं है। चोली में दिल है मेरा को सेंसर बोर्ड ने कलात्मक अभिव्यक्ति माना और गाना पास कर दिया गया था। लिरिसिस्ट आनंद बख्शी।

रोजा फिल्म के गाने की लिरिक्स थी, रुक्मिणी रुक्मिणी शादी के बाद क्या-क्या हुआ। कौन हारा कौन जीता खिड़की में से देखो जरा। गाने में कई ऐसी लाइन्स थीं जो उस समय के हिसाब से काफी बोल्ड थीं। गाना सुहागरात की तरफ इशारा था। गाने में बुजुर्ग महिलाएं नई दुल्हन से शरारत भरे सवाल पूछ रही हैं। दूरदर्शन पर कुछ समय के लिए गाना बैन भी किया गया था। सेंसर बोर्ड ने तर्क दिया गया कि भारतीय शादियों में इस तरह की हंसी-मजाक की रस्में आम हैं। लिरिसिस्ट पीके मिश्रा (हिंदी वर्जन)।

यह गाना भी संजय दत्त की फिल्म का था। दिन में लेती है, रात में लेती है, सुबह को लेती है, शाम को लेती है, क्या बुरा है जो उसका नाम लेती है... गाने को डबल मीनिंग बताकर ट्रोलिंग हुई थी। ये गाना अभी भी बॉलीवुड के डबल मीनिंग और वल्गर गानों में गिना जाता है।

अनिल कपूर, जुही चावला और करिश्मा कपूर की इस फिल्म का ये गाना इंदीवर ने लिखा था। गाने के बोल थे- खड़ा है खड़ा है खड़ा है, दर पे तेरे आशिक खड़ा खड़ा है। गायक विनोद राठौड़ और साधना सरगम हैं। इस गाने पर अभी तक मीम बनते हैं।

गोविंदा और करिश्मा कपूर पर फिल्माए गए गाने, सरकाय लेयो खटिया जाड़ा लगे, जाड़े में बलमा प्यारा लगे की भी उस वक्त काफी आलोचना हुई थी। लोगों को दोनों लीड एक्टर के डांस स्टेप्स भी भड़काऊ लगे थे। गाना समीर ने लिखा है।

ऋषि कपूर और जुही चावला पर फिल्माए इस गाने पर बवाल हुआ। गाने के बोल थे सैंया के साथ मड़ैया में, बड़ा मजा आए रजैया में। विरोध के बाद रजैया शब्द को बदलकर लड़ैया कर दिया गया था। ये गाना भी समीर ने लिखा है।

चोली के पीछे क्या है की तरह इस गाने को भी डबल मीनिंग बताकर विरोध किया गया था हालांकि डीजे और पार्टीज में यह गाना खूब बजाया जाता है। लिरिसिस्ट समीर।
