1/8रोमांटिक, कॉमेडी और एक्शन फिल्मों की तरह ही हॉरर फिल्मों का अपना ही एक अलग मजा है। हॉरर और सस्पेंस मूवी देखने वाले दर्शक अक्सर ऐसी फिल्में खोजते रहते हैं। आज हम आपको एक ऐसी दिल दहला देने वाली हॉरर मूवी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 1978 में रिलीज हुई थी।

48 साल पहले रिलीज हुई इस फिल्म को देखकर आपकी भी रूह कांप जाएगी। जब ये फिल्म बन रही थी तब किसी ने ये नहीं सोचा था कि ये एक बड़ी फ्रेंचाइजी में तब्दील होने जा रही है और इस सीरीज की अब तक लगभग 13 फिल्में आ चुकी हैं।

अब आप सोच रहे होंगे कि ये कौन सी फिल्म है। बता दें कि साल 1978 में आई ये हॉलीवुड की हॉरर फिल्म 'हैलोवीन' है। इस फिल्म को आज रिलीज हुए 48 साल हो गए हैं, लेकिन आज भी जॉन कारपेंटरक की ये मास्टरपीस कल्ट क्लासिक लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि 'हैलोवीन' काफी लो बजट है। ये हॉरर कॉमेडी इस फिल्म को महज 3 लाख डॉलर (आज के हिसाब से करीब 13 लाख डॉलर) के बजट में बनी ये फिल्म ने दुनिया भर में 70 मिलियन डॉलर कमाए।

'हैलोवीन' को लेकर एक मजेदार बात ये है कि ये पूरी महज 20 दिनों में शूट किया गया था। यही नहीं, क्रू में मुश्किल से 12-15 लोग ही थे और उसमें भी ज्यादातर जॉन कारपेंटर के दोस्त और फिल्म स्कूल के स्टूडेंट्स।

'हैलोवीन' फिल्म की कहानी की बात करें इसकी शुरुआत माइकल मायर्स से, जो 6 साल की उम्र में अपनी बहन का कत्ल कर देता है। दरअसल, उसे मेंटल हॉस्पिटल में रखा जाता है, जहां से वो 15 साल बाद भाग जाता है और अपनी छोटी बहन लॉरी स्ट्रोड (जेमी ली कर्टिस) को निशाना बनाता है।

हैलोवीन की रात, मास्क पहने ये साइलेंट किलर चाकू लेकर घूमता है, और दर्शकों की धड़कनें रोक देता है। इस फिल्म को स्लैशर जॉनर की बुनियाद माना जाता है। अब बात करते हैं फिल्म के सबसे मजेदार फैक्ट पर, कत्ल की वो डरावनी आवाजें। बजट इतना टाइट था कि स्पेशल साउंड इफेक्ट्स के लिए पैसे नहीं थे।

इसके लिए जॉन कारपेंटर और उनकी छोटी सी टीम ने एक तरबूज लिया और उसमें बार-बार चाकू घोंपा। इसके बाद माइकल मायर्स के चाकू घोंपने की वो खौफनाक आवाज असल में तरबूज में चाकूं घोंपने की आवाज की रिकॉर्डिंग थी।
