1/6हर किसी की जिंदगी में एक ऐसा दौर जरूर आता है जब मैथ की किताब खोलते ही माथा चकराने लगता है। किसी को जोड़ घटाव में पसीना आ जाता है, तो किसी को समीकरणों और त्रिकोणमिति से जैसे दुश्मनी हो जाती है। 'गणित नहीं आता?' सुनते ही कई स्टूडेंट्स के दिल में डर बैठ जाता है कि अब उनका करियर कैसे बनेगा? लेकिन सच्चाई ये है कि कामयाबी सिर्फ मैथ में अच्छे नंबर लाने से नहीं मिलती। अगर आपके पास क्रिएटिव सोच, कम्युनिकेशन स्किल्स, दिलचस्पी और मेहनत करने का जज्बा है, तो ऐसे कई करियर हैं जहां आपको मैथ की जरूरत नहीं पड़ती। तो चलिए, जानते हैं उन टॉप 5 करियर ऑप्शन्स के बारे में जहां बिना गणित के भी आप अपनी मंजिल पा सकते हैं।

अगर आपको लिखने पढ़ने में दिलचस्पी है, लोगों से बात करना पसंद है और घटनाओं को रिपोर्ट करने का जुनून है, तो पत्रकारिता आपके लिए एकदम फिट करियर हो सकता है। इस फील्ड में आपको समाज, राजनीति, खेल, सिनेमा या तकनीक किसी भी क्षेत्र की जानकारी रखनी होती है लेकिन मैथ्स की कोई जरूरत नहीं। एक अच्छा रिपोर्टर या एंकर बनने के लिए जरूरी है आपकी ऑब्जर्वेशन स्किल, तेज सोच और असरदार बोलचाल की। कमाई की बात करें तो एक अनुभवी पत्रकार सालाना 5 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक कमा सकता है। टीवी चैनलों, न्यूज पोर्टल्स और मीडिया हाउस में सैलरी और शोहरत दोनों मिलते हैं।

स्टाइल और क्रिएटिविटी आपकी पहचान है? अगर आप नए ट्रेंड्स को समझते हैं और फैब्रिक, रंग और डिजाइन के साथ खेलना जानते हैं, तो फैशन डिजाइनिंग आपके लिए परफेक्ट करियर है। इसमें आपको अपने आइडिया को कपड़े की शक्ल में उतारना होता है और इसके लिए जरूरी है कला, नजाकत और ग्राहक की पसंद को समझना। दिलचस्प बात है कि इसमें भी मैथ्स की जरूरत नहीं है। कमाई की बात करें तो, एक सफल फैशन डिजाइनर 6 लाख रुपये से 25 लाख रुपये सालाना तक कमा सकता है। अगर किस्मत और मेहनत साथ दें, तो आप बॉलीवुड और इंटरनेशनल फैशन इंडस्ट्री में भी नाम कमा सकते हैं।

अगर आपके अंदर दूसरों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने का जज्बा है और तर्क वितर्क की कला है, तो लॉ यानी वकालत का पेशा आपके लिए एक शानदार रास्ता हो सकता है। यहां आपको संवैधानिक कानून, आपराधिक कानून, कॉर्पोरेट लॉ जैसे विषयों की समझ होनी चाहिए, लेकिन मैथ्स से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं होता। कमाई के लिहाज से, शुरुआती दौर में 3 से 5 लाख सालाना मिल सकते हैं, लेकिन एक सफल वकील या जज करोड़ों की फीस लेने लगता है। हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले सीनियर एडवोकेट्स देश में खूब नाम और दौलत कमाते हैं।

अगर आप विजुअल सोच रखने वाले हैं, पेंटिंग और डिजिटल आर्ट में रुचि है और कम्प्यूटर पर काम करना पसंद है, तो ग्राफिक डिजाइनिंग और एनिमेशन एक क्रिएटिव करियर विकल्प है। मैथ्स की कोई जरूरत नहीं होती, लेकिन डिजाइन सेंस, कलर थ्योरी और टूल्स (जैसे Photoshop, Illustrator, Blender आदि) की जानकारी जरूरी होती है। कमाई की बात करें तो, एक ग्राफिक डिजाइनर 4 से 10 लाख सालाना और एक एनिमेटर 6 से 15 लाख तक कमा सकता है। अगर आप गेमिंग, फिल्म या एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में आ गए, तो इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स और डॉलर में पेमेंट भी मिल सकते हैं।

आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और इसके साथ ही मनोविज्ञान (Psychology) और काउंसलिंग एक उभरता हुआ करियर बन गया है। इस फील्ड में आपको लोगों के व्यवहार, सोच और भावनात्मक समस्याओं को समझना होता है। इसमें गहराई से सुनने, सहानुभूति रखने और वैज्ञानिक सोच की जरूरत होती है, लेकिन गणित की नहीं। कमाई की बात करें तो, एक प्रोफेशनल साइकोलॉजिस्ट 5 से 12 लाख रुपये सालाना कमा सकता है। क्लिनिकल साइकोलॉजी, स्कूल काउंसलिंग, रिलेशनशिप थैरेपी जैसे क्षेत्रों में शोहरत और स्थायित्व दोनों मिलता है।
