1/5दिल्ली की ड्राफ्ट EV पॉलिसी में इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स बेनिफिट भी मिल रहे हैं। इसमें 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट दी जाएगी। यदि ग्राहक 30 लाख या उससे सस्ती इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तभी उसे ये बेनिफिट मिलेंगे। जबकि, इलेक्ट्रिक कार 30 लाख से महंगी होगी तब उस पर किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।

इसकी प्राइस लिमिट (मूल्य सीमा) 2.25 लाख रुपए तक है। पहले साल 10,000 रुपए प्रति kWh और अधिकतम 30,000 रुपए का इंसेंटिव मिलेगा। दूसरे साल 6,600 रुपए प्रति kWh और अधिकतम 20,000 रुपए का इंसेंटिव मिलेगा। तीसरे साल 3,300 रुपए प्रति kWh और अधिकतम 10,000 रुपए का इंसेंटिव मिलेगा।

ये सभी तरह के इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पर लागू होगा। इसमें ई-ऑटो, ई-रिक्शा शामिल हैं। पहले साल इन्हें खरीदने पर अधिकतम 50,000 रुपए का इंसेंटिव दिया जाएगा। दूसरे साल इन्हें खरीदने पर अधिकतम 40,000 रुपए का इंसेंटिव दिया जाएगा। वहीं, तीसरे साल इन्हें खरीदने पर अधिकतम 30,000 रुपए का इंसेंटिव दिया जाएगा।

ये सभी तरह के इलेक्ट्रिक गुड्स (माल ढोने वाले) व्हीलर पर लागू होगा। पहले साल इन्हें खरीदने पर अधिकतम 100,000 रुपए का इंसेंटिव दिया जाएगा। पहले साल इन्हें खरीदने पर अधिकतम 75,000 रुपए का इंसेंटिव दिया जाएगा। पहले साल इन्हें खरीदने पर अधिकतम 50,000 रुपए का इंसेंटिव दिया जाएगा।

ये सभी तरह के व्हीकल को स्क्रैप करवाने पर लागू होगा। टू-व्हीलर को स्क्रैप करवाने पर 10,000 रुपए का इंसेंटिव दिया जाएगा। थ्री-व्हीलर को स्क्रैप करवाने पर 25,000 रुपए का इंसेंटिव दिया जाएगा। 30 लाख या उससे कम कीमत वाली कार को स्क्रैप करवाने पर 100,000 रुपए का इंसेंटिव दिया जाएगा। गुड्स व्हीकल को स्क्रैप करवाने पर 50,000 रुपए का इंसेंटिव दिया जाएगा।
