1/7रत्न शास्त्र की दुनिया में हर रत्न खास है। वहीं पुखराज ऐसा रत्न है जिसे काफी असरदार माना जाता है। इस बेशकीमती रत्न का संबंध गुरु ग्रह यानी जूपिटर से होता है। गुरु ज्ञान बढ़ाता है और करियर समेत जिंदगी के हर क्षेत्र में तरक्की दिलाता है। पुखराज कई लोगों को सूट करता है तो वहीं कुछ राशियां ऐसी हैं जिन्हें ये बिल्कुल भी सूट नहीं करेगा। ऐसा कई बार होता है कि लोग देखादेखी किसी ज्योतिष से सलाह लिए बिना ही पुखराज धारण कर लेते हैं जोकि सही नहीं है। अगर राशि के अनुसार पुखराज ना पहना जाए तो ये उलझन भी बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर किन राशियों को पुखराज पहनने से बचना चाहिए और क्यों?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृषभ राशि का स्वामी शुक्र ग्रह है। वहीं पुखराज का संबंध गुरु से है। शास्त्र में गुरु और शुक्र को विपरीत स्वभाव का माना जाता है। ऐशे में जब वृषभ राशि वाला कोई व्यक्ति पुखराज पहनेगा तो कई बार वो पैसों से जुड़े फैसलों में उलझन महसूस कर सकता है। खर्चा बढ़ने जैसी स्थिति भी बन सकती है। या फिर ऐसा हो सकता है कि काम में ग्रोथ जल्दी ना हो। ऐसे में वृषभ राशि वालों को पुखराज पहनने से बचना चाहिए।

रत्न शास्त्र के हिसाब से मिथुन राशि का संबंध बुध ग्रह से है। बुध का संबंध सीधे हमारी बुद्धि और सोच से होता है। पुखराज का संबंध गुरु से हैं। अंक ज्योतिष के हिबास से ऐसे में चांस होता है कि पुखराज बुध के असर को प्रभावित करे। ऐसी स्थिति में ध्यान भटकेगा और फोकस भी बिगड़ेगा। इस चीज का असर काम से लेकर घर हर जगह होगा। ऐसे में मिथुन राशि वालों को पुखराज नहीं पहनना चाहिए।

ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से कन्या राशि बुध ग्रह से संबंधित है। अगर इस राशि के लोग पुखराज पहनते हैं तो ऐसा हो सकता है कि इनकी ओवरथिंकिंग वाली आदत और भी बढ़ जाए। आगे चलकर ऐसी स्थिति बन सकती है कि हर छोटी बात पर चिंता बढ़ जाए और ऐसे में खुद के साथ-साथ मन को शांत रखना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में कन्या राशि वालों को पंडित की सलाह पर ही पुखराज पहनना चाहिए।

तुला राशि का संबंध शुक्र ग्रह से है। ऐसे में पुखराज इस राशि के लिए सूटेबल नहीं होता है क्योंकि शुक्र और गुरु की एनर्जी काफी अलग होती है। पुखराज धारण करने से ऐसा हो सकता है कि तुला राशि वाले लोग कोई भी फैसला ठीक से ना ले पाएं। ऐसे में इन लोगों को ये रत्न सोच-समझकर ही पहनना चाहिए।

मकर राशि वालों को भी पुखराज से दूर ही रहने की सलाह दी जाती है। दरअसल ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से मकर का संबंध शनि ग्रह से होता है। पुखराज की एनर्जी गुरु से जुड़ी है। ऐसे में दोनों ग्रहों का कई बार मेल नहीं हो पाता है। ऐसे में हो सकता है कि जब मकर राशि वाला व्यक्ति पुखराज पहनेगा तो उसे किसी भी का रिजल्ट लेट मिले।

रत्न शास्त्र के हिसाब से कुंभ राशि का नाता शनि ग्रह से होता है। ऐसे में कुंभ राशि वालों के लिए पुखराज ज्यादातर समय सूटेबल नहीं होगा। पुखराज की एनर्जी से कुंभ राशि वालों को में स्टेबिलिटी की कमी महसूस हो सकती है। ऐसे में पुखराज सोच-समझकर किसी जानकार की सलाह पर ही पहनना चाहिए।
