1/6रसोई घर या किचन किसी भी घर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। घर की रसोई या किचन सुख-समृद्धि व सेहत का प्रतीक मानी गई है। लेकिन कई बार किचन से जुड़ी गलतियां वास्तु दोष का कारण बनती हैं और नकारात्मक ऊर्जा को घर में आकर्षित करती हैं। वास्तु दोष के कारण घर में रहने वाले लोगों को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। वास्तु शास्त्र कहता है कि किचन में कुछ चीजों का होना दरिद्रता आकर्षित करता है और घर की सुख-शांति भंग करता है। जानें वास्तु के अनुसार किचन में किन चीजों को नहीं रखना चाहिए।

वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में दवाइयों को रखना अशुभ माना जाता है। रसोई को अग्नि तत्व, सकारात्मक ऊर्जा व उत्तम स्वास्थ्य का केंद्र माना गया है, जबकि दवाई बीमारी का प्रतीक है। कहा जाता है कि किचन में रखी दवाइयां आर्थिक परेशानी ला सकती है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन में टूटे-फूटे बर्तनों को रखना अशुभ होता है। मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में दरिद्रता का आगमन होगा। किचन में रखे टूटे-फूटे बर्तन आर्थिक तंगी का कारण माने जाते हैं, इसलिए इन्हें घर से तुरंत बाहर निकाल देना चाहिए।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन में कभी भी बासी खाना नहीं रखना चाहिए। कहते हैं किचन में रखना बासी भोजन दरिद्रता को आकर्षित करता है और घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालता है। मान्यता है कि जिन घरों में बासी खाने को एकत्रित किया जाता है, वहां मां अन्नपूर्णा की कृपा भी नहीं होता है। इसलिए रसोई में शुद्ध व ताजा खाना ही रखना चाहिए।

किचन में कभी भी कूड़ा या कूड़ेदान नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार किचन में कूड़ादान रखना मां लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। ऐसा करने से घर के सदस्यों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जीवन में सुख-शांति व समृद्धि पाने के लिए रसोई घर में कूड़ा या कूड़ादान नहीं रखना चाहिए।

वास्तु के अनुसार, रसोई में झाड़ू-पोंछा रखना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और अशांति फैलती है। वास्तु शास्त्र कहता है कि किचन में झाड़ू रखने से मां लक्ष्मी रुष्ट होती है और घर में उनका वास नहीं होता है।
