1/8वास्तु के मुताबिक टॉयलेट सही दिशा में होना बेहद आवश्यक होता है। ऐसे में कभी भी टॉयलेट उत्तर-पश्चिम या दक्षिण पूर्व दिशा की ओर बनवाना चाहिए। मान्यता है कि अगर सही दिशा में टॉयलेट बनवाते हैं, तो घर में सकारात्मकता बनी रहती है। साथ ही, बरकत बढ़ती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

टॉयलेट को कभी भी ईशान कोण में नहीं बनवाना चाहिए। ऐसा करने से गरीबी गले पड़ सकती है और परिवार के सदस्यों को एक के बाद एक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

धार्मिक मान्यताओं को मुताबिक ईशान कोण को देवताओं का स्थान माना गया है। यही कारण है कि वास्तु के अनुसार ईशान कोण में टॉयलेट या बाथरूम बनवाना सही नहीं माना जाता है।

वास्तु के अनुसार घर के टॉयलेट के दरवाजे के सामने कभी भी शीशा नहीं लगवाना चाहिए। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मकता पढ़ सकती है

ध्यान रखें कि घर में टॉयलेट या बाथरूम के दरवाजे को कभी भी खुला नहीं रखना चाहिए। वास्तुशास्त्र के अनुसार, इस स्थान पर सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा होती है। ऐसे में दरवाजा खुला रखने से घर में नकारात्मकता फैल सकती है।

अटैच बाथरूम का ट्रेंड बढ़ चुका है। अगर आप अटैच बाथरुम बनवाने की सोच रहे हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि उसमें एक खिड़की अवश्य होगा। इससे नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है। हालांकि, खिड़की बनवाते समय दिशा का ख्याल जरूर रखें। वास्तु के अनुसार टॉयलेट की खिड़की उत्तर, पूर्व या पश्चिम की ओर खुलनी चाहिए।

माना जाता है कि टॉयलेट की साफ-सफाई का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि इसी स्थान पर सबसे अधिक नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रहता है। ऐसे में इसका प्रभाव परिवार के सदस्यों पर भी पड़ सकता है।टॉयलेट व बाथरूम में नीला रंग रखना शुभ माना जाता है। इससे घर में खुशहाली और समृद्धि बनी रहती है।

यह खबर सामान्य जानकारियों, धर्म ग्रंथों और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए धर्म विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
