1/7घर एक ऐसी जगह है जो हर व्यक्ति के लिए खास होती है। घर में व्यक्ति अपनी लाइफ का बड़ा हिस्सा बिताता है, जिसके कारण घर की ऊर्जा का भी जीवन पर भी बहुत प्रभाव पड़ता है। कहते हैं कि घर में सकारात्मक ऊर्जा होने से व्यक्ति दिन-रात तरक्की करता है, जबकि नकारात्मक ऊर्जा परेशानियों व वास्तु दोष का कारण बनती है। क्या आप जानते हैं कि घर की सीढ़ियां भी घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक होती है। वास्तु के अनुसार, घर में सीढ़ियों की सही संख्या और दिशा होना जरूरी होता है। जानें वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में सीढ़ियों की संख्या कितनी होनी चाहिए और सही दिशा क्या है।

वास्तु के अनुसार, सीढ़ियों की संख्या हमेशा विषम होनी चाहिए, जैसे कि 3, 5, 7, 11, 15 या 21। कहते हैं कि घर में विषम संख्या में सीढ़ियां होने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि आती है। शून्य या सम संख्या में समाप्त होने वाली सीढ़ियां शुभ नहीं मानी जाती हैं।

वास्तु के अनुसार, सीढ़ियां हमेशा दक्षिण-पश्चिम दिशा में होनी चाहिए। अगर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सीढ़ियां बनवाना संभव नहीं है तो पश्चिम दिशा या दक्षिण दिशा में सीढ़ियां बना सकते हैं।

वास्तु के अनुसार, सीढ़ियों का निर्माण हमेशा दक्षिणावर्त यानी क्लॉकवाइज दिशा में चढ़ते हुए बनाना चाहिए।

वास्तु के अनुसार, सीढ़ियों के नीचे बाथरूम, किचन या पूजा घर नहीं बनवाना चाहिए। कहते हैं यह वास्तु दोष का कारण बनता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार सीढ़ियां घर के उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण, घर के केंद्र यानी ब्रह्मस्थान, उत्तर और पूर्व दिशा में नहीं होनी चाहिए। कहते हैं कि इन दिशाओं में सीढ़ी होने से परिवार की तरक्की रुक सकती है।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
