1/7हिंदू धर्म में चारधाम यात्रा को बहुत पवित्र माना गया है और इसमें बद्रीनाथ धाम का खास महत्व होता है। इस साल यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए बदलाव किए गए हैं। चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने वाले हैं। इस बार दर्शन व्यवस्था में कुछ नए नियम लागू कर दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिल सके और भीड़ को सही तरीके से नियंत्रित किया जा सके। आज समझते हैं बद्रीनाथ मंदिर को थोड़ा करीब से और नए नियमों के बारे में-

बद्रीनाथ मंदिर का मुख्य प्रवेशद्वार बहुत ही सुंदर है। ये देखने में काफी रंगीन और आकर्षक है। इसे सिंहद्वार कहा जाता है। मंदिर करीब 50 फीट ऊंचा है और इसके ऊपर छोटा सा गुंबद बना हुआ है। इसके ऊपर सोने की परत चढ़ी हुई है। बद्रीनाथ मंदिर की बनावट काफी खास मानी जाती है और ये इतना खूबसूरत है कि इसे देखने वाले इसे बस देखते ही रह जाते हैं।

बता दें कि बद्रीनाथ मंदिर के अंदर दर्शन मंडप हैं। ये वही जगह है जहां पर आकर लोग पूजा और दर्शन करते हैं। इसी जगह पर भगवान बद्रीनारायण के साथ-साथ कुबेर, नारद, नर और नारायण की मूर्तियां भी विराजमान हैं। मंदिर के सामने गरुड़ जी की मूर्ति हाथ जोड़कर बैठी हुई दिखाई देती है। मंदिर की दीवारों और खंभों पर सुंदर नक्काशी और चित्र भी देखने को मिलते हैं जोकि इसकी भव्यता में चार चांद लगाते हैं। इसकी पूरी जानकारी मंदिर के ऑफिशियल साइट पर भी मौजूद है।

बद्रीनाथ मंदिर के गर्भगृह में भगवान बद्रीनारायण की काले पत्थर की मूर्ति स्थापित है। भगवान विष्णु यहां ध्यान मुद्रा यानी पद्मासन में बैठे हुए दिखाई देते हैं। मान्यता है कि आदि शंकराचार्य को यह मूर्ति अलकनंदा नदी में मिली थी, जिसके बाद इसे यहां स्थापित किया गया।

चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल से होने जा रही है। इसी दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे और यात्रा की शुरुआत होगी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने वाले हैं। सरकार की ओर से यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए कई तैयारियां पूरी हो गई हैं और अभी भी मंदिर से जुड़े कई काम हो रहे हैं। लेटेस्ट जानकारी के हिसाब से अब तक करीब 17.28 लाख लोग इस यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।

नए बदलाव के हिसाब से इस बार बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर में दर्शन के समय मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए यह नियम लागू किया गया है। अगर कोई मंदिर मोबाइल साथ लाता है तो उसे पास में बने काउंटर पर इसे जमा करना होगा। इस बार तो मंदिर परिसर में वीडियो बनाना या रील शूट करने की भी मनाही होगी।

बदरी-केदार मंदिर समिति ने विशेष पूजा के शुल्क में बदलाव कर दिया है। लोग यहां पर आकर कई तरह की पूजा करवाते हैं लेकिन अब नए बदलाव के तहत ये करवाना होगा। बद्रीनाथ में श्रीमद्भागवत कथा के लिए 1 लाख रुपये शुल्क लगेगा। जबकि वहीं केदारनाथ में पूरे दिन की पूजा के लिए आपको 51 हजार रुपये देने होंगे। नए बदलाव के तहत भीड़ को कंट्रोल करने के लिए कुछ विशेष पूजाएं रात में कराई जाएंगी। ऐसे में दिन में ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु आराम से दर्शन कर कर पाएंगे। लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार सरकार की ओर से यात्रा को ज्यादा से ज्यादा आसान बनाए जाने का प्रयास लगातार जारी है। ऐसे में चारधाम की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत नहीं आएगी।
