नागेंद्र नाथ त्रिपाठी कौन, जिनका BJP में बड़ा हुआ पद और कद; पर्दे के पीछे यूपी-बिहार में किया काम
अब तक पर्दे के पीछे रहकर बड़ी जिम्मेदारियों को निभाते रहे नागेंद्र नाथ त्रिपाठी का भारतीय जनता पार्टी में कद बड़ा हो गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें राष्ट्रीय भूमिका में अहम पद दिया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को पार्टी का राष्ट्रीय संगठक नियुक्त किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पर्दे के पीछे रहकर कई बड़ी जिम्मेदारियों को अंजाम दे चुके त्रिपाठी अभी बिहार-झारखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के रूप में काम रहे थे। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) अरुण सिंह ने एक नोटिफिकेशन में कहा, 'राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को पार्टी का राष्ट्रीय संगठक ( (वरिष्ठ कार्यकर्ता संपर्क) नियुक्त किया है।' उन्होंने बताया कि उनका केंद्र दिल्ली होगा और यह नियुक्ति तत्काल रूप से प्रभावी होगी।
कौन हैं नागेंद्र नाथ त्रिपाठी
नागेंद्र नाथ त्रिपाठी की गिनती संगठन के उन प्रमुख नेताओं में होती है जिन्होंने वर्षों तक पर्दे के पीछे रहकर पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। वह अभी बिहार-झारखंड क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए थे। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश में करीब 8 सालों तक भाजपा के संगठन महासचिव के रूप में काम कर चुके हैं। संत कबीर नगर जिले (तब बस्ती का हिस्सा) के किसान परिवार में जन्मे नागेंद्र गिरिजा पति त्रिपाठी और गणेशा देवी के सबसे बड़े बेटे हैं।
आरएसएस के पुराने स्वंयसेवक
त्रिपाठी बचपन से ही आरएसएस के साथ जुड़े रहे हैं। स्कूली दिनों में ही वह आरएसएस की शाखा से जुड़ गए थे। उम्र के साथ आरएसएस में उनकी सक्रियता और भूमिका बढ़ती गई और बाद में भाजपा के संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई। भाजपा से पहले वह आरएसएस के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में भी अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
यूपी से बिहार तक बड़ा रोल
2003 में उन्हें भाजपा के संगठन महासचिव के रूप में यूपी में अहम जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान उन्होंने पार्टी को बूथ लेवल तक मजबूत किया। पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और बेहतर चुनावी प्रबंधन पर उन्होंने खास ध्यान दिया। यूपी में 8 साल तक नागेंद्र के काम को देखते हुए पार्टी ने उन्हें 2011 में बिहार भेजा। नाथ ने पहली बार बिहार में सीएम बनाने वाली भाजपा को यहां तक लाने में कड़ी मेहनत की है। 2021 में उन्हें बिहार-झारखंड का क्षेत्रीय संगठन महासचिव नियुक्त किया था।
सुर्खियों से दूर पर, पार्टी में मजबूत
क्षेत्रीय संगठन महासचिव का दायित्व बेहद महत्वपूर्ण है। यह व्यक्ति ना केवल भाजपा और आरएसएस के बीच समन्वय के लिए जिम्मेदार होता है, बल्कि पूरे क्षेत्र में चुनावी रणनीति और संगठनात्मक विस्तार का काम भी देखता है। नागेंद्र त्रिपाठी को आम लोग भले ही कम जानते हों, लेकिन भाजपा के संगठन में उनकी भूमिका से पार्टी के नेता परिचित हैं। चर्चा और सुर्खियों से दूर रहकर उन्होंने पार्टी के लिए लंबे समय तक काम किया है। वह मजबूत फैसलों के लिए भी जाने जाते हैं।




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