बहुत खतरनाक निकला UP का कमरुद्दीन, दिल्ली में लक्ष्मी, नरेश और रणधीर को जहरीला लड्डू खिलाकर मारा
दिल्ली में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बाहरी दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में एक फ्लाईओवर के सर्विस लेन में खड़ी एक कार में महिला समेत 3 लोगों की लाशें मिलीं। शुरुआत में जिसे आत्महत्या माना जा रहा था वह ट्रिपल मर्डर का केस निकला।

दिल्ली में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब पीरागढ़ी इलाके में एक फ्लाईओवर के सर्विस लेन में खड़ी एक कार में महिला समेत 3 लोगों की लाशें मिलीं। शुरुआत में जिसे आत्महत्या माना जा रहा था वह ट्रिपल मर्डर का केस निकला। झाड़-फूंक और काला जादू के दावों से लोगों को ठगने में माहिर यूपी के कमरुद्दीन बेहद खतरनाक निकला। उसने जहरीले लड्डू खिलाकर तीनों को मार डाला और 2 लाख रुपये लेकर फरार हो गया।
बुजुर्ग कमरुद्दीन उर्फ बाबा पुत्र नसरुद्दीन उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है। वह फिरोजाबाद के अलावा गाजियाबाद के लोनी इलाके में ठगी की दुकान चलाता था। वह लोगों को गृह क्लेश, मुकदमों, बीमारी और गरीबी आदि से छुटकारा दिलाने के अलावा अमीर बनाने का झांसा देता था। दिल्ली पुलिस ने कमरुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद बताया कि लक्ष्मी, शिव नरेश और रणधीर को भी उसने 'धनवर्षा' का लालच देकर अपने जाल में फंसाया और फिर 2 लाख रुपये डकराने के लिए तीनों को मीठे जहर से मार डाला। कमरुद्दीन ने जहरीले लड्डू खिलाकर तीनों की जान ली। यह भी पता चला है कि कमरुद्दीन आरोपी आदतन अपराधी है और पहले भी जघन्य आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ धौलपुर राजस्थान और यूपी के फिरोजाबाद में आईपीसी, बीएनएस की धाराओं में पहले से केस दर्ज है।
कैसे सामने आई घटना
8 फरवरी को पश्चिम विहार पुलिस थाने में पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि एक सफेद कार में तीन लाशें हैं। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो ड्राइविंग सीट पर 76 वर्षीय एक पुरुष और पीछे की सीट पर 42 साल की एक महिला और 40 साल का एक और पुरुष था। तीनों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। कार की जांच के दौरान इसमें शराब और कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलें, खाली ग्लास, मोबाइल फोन, कैश, हेल्मेट, जैकेट, आधार कार्ड और कुछ दस्तावेज मिले थे। बाद में मृतकों की पहचान बपरोला दिल्ली के निवासी 76 वर्षीय रणधीर, यहीं के नरेश और जहांगीरपुरी की रहने वाली लक्ष्मी के रूप में हुई।
कैसे कमरुद्दीन पकड़ा गया
पुलिस ने काफी खोजबीन, टेक्निकल एनालिसिस और पूछताछ के बाद पता लगाया कि तीनों मृतक घटना से पहले एक चौथे शख्स के साथ संपर्क में थे, बाद में उसकी पहचान कमरुद्दीन के रूप में सामने आई। दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया कि घटना से एक दिन पहले तीनों लोग लोनी में कमरुद्दीन के पास गए थे। घटना वाले दिन भी वे लोग लोनी गए और कमरुद्दीन के संपर्क में रहे। टेक्निकल सबूतों से पता चला कि लौटते वक्त कार में एक चौथा शख्स भी था। बाद में पता चला कि वह कमरुद्दीन ही था जो लोनी में उनकी कार में बैठा और घटना के बाद मृतकों को छोड़कर फरार हो गया।
कैसे हुई तीनों की कमरुद्दीन से मुलाकात, क्या दिया था लालच
पुलिस ने जब कमरुद्दीन को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की तो शुरुआत में उसने जांच को भटकाने की कोशिश की। लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा था। बाद में वह टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। कमरुद्दीन ने बताया कि जहांगीरपुरी के रहने वाले सलीम ने लक्ष्मी को उससे मिलवाया था। बाद में लक्ष्मी ने नरेश और रणधीर का उससे परिचय कराया। कमरुद्दीन ने उन्हें यह भरोसा दिलाया था कि यदि वे 2 लाख रुपये देते हैं तो वह उनके लिए काला जादू करके 'धनवर्षा' करा देगा। एडिशनल डीसीपी सचिन शर्मा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि लक्ष्मी अपने पति को लेकर कमरुद्दीन के पास लेकर गई थी। उस समय उसने कथित तौर पर जादू से पैसे बनाकर दिखाए और बाद में उन्हें भरोसे में लिया कि यदि वे 2 लाख रुपये लेकर आए तो करोड़ों में बदल देगा।
जहरीला लड्डू खिलाकर मारा
कमरुद्दीन ने दिल्ली पुलिस को बताया कि उसने जहर मिलाकर लड्डू तैयार किए थे और इन्हें लेकर वह लक्ष्मी, रणधीर और नरेश के साथ कार में गया। यात्रा के दौरान उसने तीनों को शराब और कोल्ड ड्रिंक पिलाई और फिर जहरीले लड्डू खिला दिए। जब तीनों अचेत हो गए तो वह कैश लेकर भाग गया।




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