यमुना सिटी के इन 6 नए सेक्टरों में सुविधाएं देने के लिए होगा टोपोग्राफिकल सर्वे, देखें लिस्ट
यमुना विकास प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि नए सेक्टरों में बेहतर सुविधाओं के लिए टोपोग्राफिकल सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके लिए कंपनी का चयन होगा, जिसकी आरएफपी जारी की गई है।

यमुना सिटी में विकास कार्यों को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नए सेक्टरों में टोपोग्राफिकल सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा। इसके माध्यम से सेक्टर की मौजूदा स्थिति, सुविधाएं और जरूरतों का विस्तृत आकलन किया जाएगा, ताकि भविष्य में परियोजनाओं को बेहतर ढंग से विकसित किया जा सके।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने नए विकसित हो रहे सेक्टर-4, 5, 5ए, 8ए, 8डी, 8एफ में टोपोग्राफिकल सर्वेक्षण के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी की है। इस सर्वेक्षण के जरिये सेक्टरों में जमीन की नापजोख, सड़कों, नालियों, पानी के स्रोत, खाली जमीन, निर्माण कार्यों और अन्य बुनियादी ढांचे की स्थिति दर्ज की जाएगी।
इसके आधार पर सेक्टरों में विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। दावा है कि सर्वेक्षण से भविष्य में विकास परियोजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने में आसानी होगी। अफसरों का मानना है कि यह सर्वेक्षण शहर के विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इसके लिए अनुमानित धनराशि 22.12 लाख रुपये तय की गई है। इच्छुक कंसल्टेंट कंपनी 26 दिसंबर तक आवेदन कर सकती हैं।
46 नए सेक्टर का सर्विस प्लान तैयार होगा : यमुना विकास प्राधिकरण मास्टर प्लान 2041 के अंतर्गत 46 नए सेक्टर का सर्विस मास्टर प्लान तैयार कराएगा। इसके लिए भी कंसल्टेंट कंपनी के चयन के लिए जल्द ही आरएफपी जारी की जाएगी। मास्टर प्लान के अनुसार इन 46 सेक्टरों में सीवर, ड्रेनेज और जलापूर्ति को लेकर प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि आने वाले 100 वर्षों तक इनके विस्तार से नागरिकों को कोई दिक्कत न होने पाए।
बिजली के लिए अलग योजना बनेगी
अधिकारियों के मुताबिक मास्टर प्लान 2031 के अंतर्गत यीडा क्षेत्र में 52 सेक्टरों को विकसित किया गया है, जोकि अब मास्टर प्लान-2041 में कुल 98 हो गए हैं। इनमें 46 सेक्टर नए हैं, जिनमें भूमि का आवंटन किया जा रहा है। प्राधिकरण इन्हीं सेक्टरों का सर्विस मास्टर प्लान तैयार कराएगा। हालांकि इसमें बिजली को लेकर प्लान शामिल नहीं है। इसके लिए अलग से प्लान तैयार होगा।
शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ, यमुना विकास प्राधिकरण, ''नए सेक्टरों में बेहतर सुविधाओं के लिए टोपोग्राफिकल सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके लिए कंपनी का चयन होगा, जिसकी आरएफपी जारी की गई है। साथ ही, 46 नए सेक्टरों का सर्विस मास्टर प्लान भी तैयार कराया जाएगा।''




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