गाजियाबाद में 3 मिनी स्टेडियम बनाने की तैयारी, 6 करोड़ आएगी लागत; शासन को भेजा गया प्रस्ताव
गाजियाबाद की युवा खेल प्रतिभाओं के लिए खुशखबरी है। जिले के ग्रामीण इलाकों में तीन मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। इसके लिए अल्पसंख्यक विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। इन्हें बनाने में छह करोड़ की लागत आएगी।

गाजियाबाद की युवा खेल प्रतिभाओं के लिए खुशखबरी है। जिले के ग्रामीण इलाकों में तीन मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। इसके लिए अल्पसंख्यक विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। इन्हें बनाने में छह करोड़ की लागत आएगी। यहां ग्रामीण युवाओं को क्रिकेट, फुटबॉल के साथ कई इंडोर गेम्स की सुविधा मिलेगी।
शहरी क्षेत्रों के साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ाने के तीन ग्राम पंचायतों में मिनी स्टेडियम बनाए जाने हैं। इसके बनने से युवाओं को खेलों का अभ्यास करने के लिए दूर-दराज के शहरों में नहीं जाना होगा। उन्हें अपने गांव के पास ही आधुनिक खेलों का अभ्यास करने की सुविधा मिल सकेगी।
इन खेलों की सुविधाएं होंगी
स्टेडियम में आउटडोर से लेकर इनडोर खेलों की सुविधा उपलब्ध होगी। स्टेडियम में एथलेटिक्स के लिए ट्रैक, क्रिकेट के लिए पिच, फुटबॉल के लिए मैदान के साथ बास्केट बॉल, जूडो, बैडमिंटन, बॉक्सिंग आदि खेलों की सुविधा होगी। इसके लिए अल्पसंख्यक विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि लोनी विकास खंड के बनेड़ा खुर्द, रजापुर विकास खंड की मसूरी और मोदीनगर विकास खंड की त्योडी तेरह बिस्वा ग्राम पंचायत में खेल के मैदान बनाए जाने हैं। स्टेडियम बनने के बाद यहां पर विभिन्न खेलों की समय-समय पर युवाओं के लिए प्रतियोगिताएं भी आयोजित कराई जाएगी।
अभी ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को खेलों के अभ्यास करने के लिए दिल्ली, नोएडा, मेरठ जाने की जरूरत पड़ती है। स्टेडियम के बनने से दूरदराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
युवाओं के लिए कारगर साबित होगा
ग्रामीण युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें खेलों में अपनी पहचान बनाने के लिए के लिए स्टेडियम कारगर साबित होंगे। स्टेडियम में जिलास्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जहां ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भाग लेकर राज्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल होकर अपने जनपद का नाम रोशन कर सकेंगे।
अभिनव गोपाल, मुख्य विकास अधिकारी, ''गांव में स्टेडियम बनने से युवाओं को दूरदराज के शहरों में खेलों का अभ्यास करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। स्टेडियम में नियमित तौर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कराया जाएगा ।''




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