गुड न्यूज! दिल्ली के मोदी मिल और सावित्री सिनेमा पुल का होगा विस्तार, जाम से मिलेगी मुक्ति
दिल्ली सरकार ने दक्षिण दिल्ली में जाम और जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए मोदी मिल और सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर के विस्तार सहित एमबी रोड पर नए ड्रेन निर्माण की 759 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

दिल्ली सरकार की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) ने मंगलवार को दक्षिणी दिल्ली को लेकर लोक निर्माण विभाग की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इनमें मोदी मिल और सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर के विस्तार के साथ एमबी रोड पर स्टॉर्म वाटर ड्रेन की योजना शामिल है।
फ्लाईओवर की योजनाओं से जाम और ड्रेन के बनने से जलभराव की समस्या दूर होगी। इन पर 759 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 30 महीने में इन कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मोदी मिल फ्लाईओवर से आईआईटी गेट चौराहे तक का पूरा कॉरिडोर दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन का होगा। साथ ही इससे आउटर रिंग रोड और कैप्टन गौर मार्ग चौराहे पर दो-तरफा नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा। मोदी मिल फ्लाईओवर में कालकाजी मंदिर से मोदी मिल तक 1140 मीटर लंबा व मोदी मिल से कालकाजी मंदिर तक 870 मीटर लंबा तीन-तीन लेन का कैरिजवे बन इस कार्य पर 312.94 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस कार्य के पूरा होने पर कैप्टन गौर मार्ग-आउटर रिंग रोड और आउटर रिंग रोड से जीके-2 रोड जैसे चौराहों पर जाम समाप्त होगा।
डबल होगा सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर
नई योजना के तहत सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर को डबल किया जाएगा। अभी सावित्री सिनेमा के सामने मोदी मिल से आईआईटी की तरफ जाने के लिए सिंगल फ्लाईओवर है, इसे 2001 में बनाया गया था। लेकिन आईआईटी से मोदी मिल आने के लिए फ्लाईओवर नहीं है। अब इस तरफ 58.81 करोड़ रुपये की लागत से तीन लेन कैरिजवे का 435 मीटर लंबा हाफ फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इससे आईआईटी आना-जाना आसान होगा।
22.76 किलोमीटर लंबा ड्रेन बनेगा
दक्षिण दिल्ली में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव के स्थायी समाधान के लिए लाडो सराय टी-पॉइंट से पुल प्रह्लादपुर तक एमबी रोड के दोनों तरफ 22.76 किलोमीटर लंबा प्री-कास्ट आरसीसी बॉक्स ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। इसे बनाने में 387.84 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि ईएफसी की मंजूरी के बाद सरकार पूरी दृढ़ता के साथ इनके क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ रही है। दो फ्लाईओवर के विस्तार से दक्षिण दिल्ली को सुगम और सिग्नल-फ्री यातायात मिलेगा। ड्रेन बनने से मानसून में जलभराव नहीं होगा।




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