जो AAP में किया, उसी रास्ते पर भाजपा में भी चलूंगा; संदीप पाठक क्या बोले
हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले संदीप पाठक ने पंजाब में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर पर प्रतिक्रिया दी। साथ ही यह भी कहा कि वह आप की तरह भाजपा में भी नीति और धर्म के रास्ते पर चलते रहेंगे।

हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आए संदीप पाठक ने अपने खिलाफ पंजाब में दर्ज एफआईआर को लेकर प्रतिक्रिया दी है। संदीप पाठक ने कहा कि उन्हें अभी तक इनकी कॉपी नहीं मिली है। वहीं, पाठक ने कहा कि वह जिन रास्तों पर 'आप' में चलते थे उन्हीं का पालन करते हुए भाजपा में भी काम करेंगे।
दिल्ली आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर पाठक को 'आप' की चुनाव और प्रचार रणनीति तैयार करने और पार्टी संगठन को मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। कभी 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले पाठक ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह आप के संगठन महासचिव थे और पीएसी के सदस्य भी।
संदीप पाठक ने मीडिया से बातचीत में अपने खिलाफ एफआईआर को लेकर चुप्पी तोड़ी और कहा कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके ऐसा किया गया है, लेकिन उन्हें इसकी कोई औपचारिक सूचना नहीं है। पाठक ने कहा, ‘कल से एक खबर चल रही है कि मेरे खिलाफ पंजाब में 2 FIR दर्ज किए गए हैं। मुझे अब तक इन FIR के बारे में कोई औपचारिक या अनौपचारिक सूचना नहीं है... संभव है कि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके अगर कोई FIR हुआ है तो उसके ऊपर मैं प्रतिक्रिया FIR देखने के बाद ही कर पाऊंगा।’
नीति और धर्म पर AAP में चला, भाजपा में भी इसी पर रहूंगा: संदीप पाठक
राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी की तरह भाजपा में भी नीति और धर्म से ही चलेंगे। उन्होंने कहा,'जितने भी लोग मुझे जानते हैं, जितने भी लोगों ने मेरे साथ काम किया है, उन सबको ये भली-भांति पता है कि मैं नीति व धर्म से चलने वाला व्यक्ति हूं। आम आदमी पार्टी में मैंने जब तक काम किया, नीति और धर्म पर ही काम किया। आज मैं भाजपा में हूं और मैं नीति और धर्म पर रहकर ही काम करूंगा। राजनीति में मेरे लिए सफलता और असफलता मायने नहीं रखती है। मुझे ये सुनिश्चित करना है कि मैं भले ही असफल हो जाऊं लेकिन अपने राजनीतिक धर्म को न तोड़ूं...।'
बताया क्यों छोड़ी पार्टी
राघव चड्ढा और अन्य सांसदों के साथ आप छोड़ने वाले संदीप पाठक ने कहा कि उन्होंने पार्टी के सिद्धांत और काम में अंतर की वजह से किया। उन्होंने कहा,'आम आदमी पार्टी को मैंने व्यक्तिगत कारणों से नहीं छोड़ा है। ऐसा मैंने सैद्धांतिक और कार्यशैली में बहुत समय से चले आ रहे अंतर के कारण ऐसा किया। हमारा और उनका रास्ता अब अलग है। राजनीति में आना एक कठिन निर्णय है और इसीलिए लोग राजनीति में नहीं आते हैं। पर अब आ गए हैं तो मुझे विश्वास है कि मेरे जैसे साधारण व्यक्ति का ईश्वर साथ देगा।'
संदीप पाठक के खिलाफ दो एफआईआर
आप छोड़कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने प्राथमिकियां दर्ज की हैं। पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने 'आप' छोड़कर भाजपा का दामन थामा है। पंजाब पुलिस की एक टीम दिल्ली गई लेकिन टीम के पहुंचने से पहले वह कार में सवार होकर अपने घर से निकल चुके थे।




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