गाजियाबाद : सड़क हादसे में घायल लोग 90 निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे फ्री इलाज
सड़क हादसों में घायल मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। गाजियाबाद जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोग 90 निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। इसके लिए अस्पतालों की लिस्ट तैयार कर ली गई है। इन अस्पतालों को आयुष्मान की दरों पर इलाज का भुगतान किया जाएगा।

सड़क हादसों में घायल मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। गाजियाबाद जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोग 90 निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। इसके लिए अस्पतालों की लिस्ट तैयार कर ली गई है। इन अस्पतालों को आयुष्मान की दरों पर इलाज का भुगतान किया जाएगा।
गाजियाबाद में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। खासकर जिले से निकलने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, एनएच-नौ और एनएच-58 पर आए-दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। शुरुआती समय (गोल्डन ऑवर्स) में इलाज मिलने से घायल की जान को बचाया जा सकता है।
इसको देखते हुए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज के निर्देश दिए हैं। इस योजना को लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गाजियाबाद के 90 अस्पतालों की लिस्ट तैयार की है। इन अस्पतालों में सड़क हादसे के बाद के पहले 7 दिनों तक मरीज को इमरजेंसी इलाज, जांच, दवाइयां, सर्जरी और अन्य जरूरी चिकित्सा सेवाएं निशुल्क मिलेंगी।
अस्पताल को सीधे भुगतान होगा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि जिले में चयनित 90 निजी अस्पतालों के अलावा सरकारी अस्पतालों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। सभी अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना की दरों से भुगतान किया जाएगा। इलाज का खर्च सीधे अस्पताल को मिलेगा। इससे मरीज या उसके परिजनों पर किसी तरह का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
अस्पतालों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी मरीज को इलाज से मना न किया जाए। साथ ही इलाज का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा, ताकि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
योजना से घायलों की जान बचेगी
सड़क हादसे के बाद निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर मोटी रकम जमा कराई जाती है। इससे घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। पुलिस भी इलाज के खर्च के कारण घायलों को सरकारी अस्पतालों में ले जाती है। इसके कारण जान बचाने के गोल्डन ऑवर्स खत्म हो जाते हैं और मरीज की जान चली जाती है। इस योजना के लागू होने से ऐसी समस्याओं पर रोक लगेगी और मरीज की जान बचाई जा सकेगी।
योजना के तहत चयनित मुख्य अस्पताल
मोदीनगर में मेयो हॉस्पिटल, जीवन हॉस्पिटल, आर्य नगर पटेल मार्ग स्थित सम्राट हॉस्पिटल, मेरठ रोड स्थित नवीन हॉस्पिटल, इंदिरापुरम स्थित साईं संजीवनी हॉस्पिटल, वसुंधरा अटल चौक स्थित वसुंधरा हॉस्पिटल, लाजपत नगर स्थित अंबे हॉस्पिटल प्रताप विहार स्थित मेधा अस्पताल एवं ट्रामा सेंटर, पटेल नगर स्थित कृष्णा हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर, पुराना बस अड्डा स्थित संतोष मेडिकल कॉलेज, लोनी बेहटा हाजीपुर स्थित मेट्रो सिटी हॉस्पिटल, विजयनगर स्थित उत्तम हॉस्पिटल, मसूरी स्थित जीवन अनमोल हॉस्पिटल, राजनगर स्थित शिवम हॉस्पिटल, लोनी स्थित श्री श्याम हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर, कौशांबी स्थित मीनाक्षी हॉस्पिटल, वसुंधरा स्थित ली क्रिस्ट हॉस्पिटल, कौशांबी स्थित यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नंदग्राम स्थित सेंट जोसेफ हॉस्पिटल आदि अस्पताल हैं।




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