15 घंटे काम और कमाई 763 रुपये… राघव चड्ढा ने डिलीवरी बॉय को लंच पर बुलाया; VIDEO
सोशल मीडिया पर वायरल हुए डिलीवरी पार्टनर के संघर्षपूर्ण वीडियो के बाद सांसद राघव चड्ढा ने उसे घर पर लंच पर आमंत्रित किया और गिग वर्कर्स के कम वेतन व शोषण के मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाया।

दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर दिनभर डिलीवरी बॉय अपना काम करते हैं। इतनी मेहनत के बाद भी कई बार इनकी अच्छी कमाई नहीं हो पाती। ऐसे ही एक डिलीवरी बॉय का वीडियो काफी वायरल हो गया, जब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने लंच पर बुलाया। हालांकि ब्लिंकिट के डिलीवरी पार्टनर का ये वीडियो पुराना है, जो अब चर्चा में है।
वीडियो ने मचाया हड़कंप
वीडियो में डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि एक दिन में करीब 15 घंटे काम करने और 28 ऑर्डर डिलीवर करने के बाद उनकी कमाई सिर्फ 763 रुपये रही। आखिरी ऑर्डर के लिए तो महज 15 रुपये मिले। इस क्लिप को देखकर सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठाने लगे कि गिग इकॉनमी में इतनी मेहनत के बाद ये कमाई कैसे ठीक है? कई यूजर्स ने इसे अन्याय बताया और वर्कर्स की स्थिति पर बहस छिड़ गई।
संसद में उठी आवाज
इस वीडियो के वायरल होने के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने तुरंत संसद में मुद्दा उठाया। उन्होंने गिग वर्कर्स की समस्याएं सदन में रखी। कैसे कम वेतन, लंबे काम के घंटे, सोशल सिक्योरिटी का अभाव और ऐल्गोरिदम से आने वाले दबाव में डिलीवरी पार्टनर जीते हैं। चड्ढा ने इसे सिस्टेमैटिक शोषण करार दिया और बदलाव की मांग की।
घर पर लंच और दिल से दिल की बात
संसद में हंगामा उठने के कुछ दिनों बाद राघव चड्ढा ने डिलीवरी पार्टनर को अपने घर लंच पर बुलाया। इस मुलाकात में डिलीवरी पार्टनर ने अपनी रोजाना की चुनौतियां साझा कीं। उन्होंने अनिश्चित आय, ऐल्गोरिदम के टारगेट का प्रेशर, शिकायतों के निवारण की कमी और बेसिक सुरक्षा के अभाव का जिक्र किया। डिलीवरी पार्टनर ने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि कोई उनकी बात गंभीरता से सुन रहा है। चड्ढा ने दोहराया कि गिग इकॉनमी की तरक्की वर्कर्स की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।




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