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नोएडा इंजीनियर मौत : SIT का सवाल, युवराज मेहता को 2 घंटे में क्यों नहीं बचा सके?

नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हुए एक सप्ताह बीत गए। प्रदेश की आर्थिक राजधानी में इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर दिया। एसआईटी की जांच में भी सवाल उठ रहा कि आखिर दो घंटे तक युवराज को बचाया क्यों नहीं जा सका। 

Sat, 24 Jan 2026 01:32 PMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नोएडा, निशांत कौशिक
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नोएडा इंजीनियर मौत : SIT का सवाल, युवराज मेहता को 2 घंटे में क्यों नहीं बचा सके?

नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हुए एक सप्ताह बीत गए। प्रदेश की आर्थिक राजधानी में इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर दिया। एसआईटी की जांच में भी सवाल उठ रहा कि आखिर दो घंटे तक युवराज को बचाया क्यों नहीं जा सका, जबकि कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। वहीं, इस लापरवाही की जद में आए अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है।

16 जनवरी की रात हुए हादसे ने सरकारी इंतजाम की पोल खोलकर रख दी। सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जाहिर करने के साथ लोगों ने सड़कों पर भी प्रदर्शन किए। आरोप लगे कि तमाम दावों के बाद भी अधिकारी युवराज को बचाने के लिए आवश्यक संसाधन क्यों नहीं ला सके? इंजीनियर की मौत का जिम्मेदार कौन है? एसआईटी की जांच का केंद्र बिंदु हादसे के बाद शुरुआती दो घंटे हैं। सूचना मिलने के बाद भी सिस्टम इंजीनियर को क्यों नहीं बचा पाए? इसको लेकर एसआईटी खास तौर पर जांच कर रही है। हालांकि, इसका स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है। उधर, इस मामले में अदालत भी पुलिस को फटकार लगा चुकी है।

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निर्देश दिए कि पुलिस की जांच में यह साफ होना चाहिए कि लापरवाही किसकी है? नाला टूटा है और बैरिकेडिंग नहीं लगी तो कौन जिम्मेदार है? यह जांच का हिस्सा होना चाहिए। यह भी बताना होगा कि जब नाला टूटने को लेकर शिकायत की गई तो उचित समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? फिलहाल, कोर्ट और एसआईटी के रुख से साफ है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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इस तरह चला घटनाक्रम

■16 जनवरी: देर रात इंजीनियर युवराज की कार गड्ढे में डूबी।

■18 जनवरी: एमजेड विजटाउन और लोट्स ग्रीन्स पर मुकदमा दर्ज।

■18 जनवरी: प्राधिकरण के जूनियर इंजीनियर की सेवा समाप्त, अन्य को नोटिस जारी किए गए।

■ 19 जनवरी: सीईओ डॉ. लोकेश एम चार्ज से हटाकर प्रतीक्षारत किए गए। जांच के लिए एसआईटी बनी।

■ 20 जनवरी: एमजेड विजटाउन के मालिक अभय कुमार सिंह गिरफ्तार। नाले से कार निकाली।

■20 जनवरी: एनजीटी से प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला मजिस्ट्रेट, सिंचाई विभाग को नोटिस।

■ 21 जनवरी: बिल्डर अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अचल वोहरा, निर्मल कुमार पर मुकदमा।

■22 जनवरी: लोट्स ग्रीन से जुड़े दो बिल्डर रवि और सुनील गिरफ्तार। अन्य की तलाश में दबिश जारी।

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