किसी गेमिंग ऐप का कोई जिक्र नहीं; गाजियाबाद के ट्रिपल सुसाइड कांड पर क्या बोली पुलिस
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक रूह को कपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां लोनी इलाके के टीला मोड़ थाना क्षेत्र में तीन नाबालिग बहनों ने अपनी रिहायशी इमारत की 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक रूह को कपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां लोनी इलाके के टीला मोड़ थाना क्षेत्र में तीन नाबालिग बहनों ने अपनी रिहायशी इमारत की 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस की प्रारंभिक जांच और मौके से मिले सुसाइड नोट से यह खुलासा हुआ है कि तीनों बहनें ‘कोरियन कल्चर’ से काफी प्रभावित थीं। आशंका जताई जा रही है कि वे किसी ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम के जाल में फंसी हुई थीं। हालांकि पुलिस का कहना है कि उनके सुसाइड नोट में किसी खास ऐप का कोई जिक्र नहीं है।
ट्रांस-हिंडन के पुलिस उपायुक्त (DCP) निमिष पाटिल ने बताया कि यह घटना 4 फरवरी की रात करीब 2 बजकर 15 मिनट की है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें साफ से कोरियन संस्कृति के प्रभाव का जिक्र है। हालांकि, नोट में किसी विशिष्ट गेमिंग एप्लिकेशन का नाम नहीं लिखा है। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर में ही थे, लेकिन वे सो रहे थे, जिसके कारण उन्हें इस कदम की भनक तक नहीं लगी।
प्रत्यक्षदर्शी का बयान
घटना के चश्दीद अरुण कुमार ने बताया कि उन्होंने रात में लड़कियों को बालकनी के कांच पर बैठे देखा था। उनके अनुसार, ऐसा लग रहा था जैसे एक लड़की ने कूदने की योजना बनाई थी और बाकी दो उसे बचाने की कोशिश में संतुलन खो बैठीं और नीचे गिर गईं। चश्मदीद ने तुरंत एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि परिवार में पांच भाई-बहन थे। चार बहनें और एक भाई और पिता ने दो शादियां की थीं। परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहते थे। अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना देर रात उस समय हुई, जब परिवार के बाकी सदस्य सो चुके थे। छानबीन के दौरान, पुलिस को लड़कियों की एक डायरी मिली है जिसमें घटना से जुड़ी सामग्री है। अंदर मिले एक नोट में लिखा है, इस डायरी में लिखी हर बात पढ़ लेना, सब यहीं है। इसके साथ रोते हुए चेहरे का इमोजी बना था और लिखा था, माफ करना पापा, मुझे सच में बहुत अफसोस है। लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने कहा कि उनकी बेटियां बार-बार कोरिया जाने की बात कहती थीं।
कुमार ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उन्हें बिल्कुल भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि उस गेम में इस तरह के लक्ष्य दिए जाते हैं, जो बच्चों को खतरनाक कदम उठाने के लिए उकसा सकते हैं। कुमार ने कहा, वे ढाई से तीन साल से यह गेम खेल रही थीं। वे अक्सर कहती थीं कि उन्हें कोरिया जाना है। मुझे नहीं पता था कि इस गेम में ऐसे लक्ष्य होते हैं। इन सब बातों की जानकारी मुझे तब हुई, जब पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने उनके मोबाइल फोन की जांच की।
घटनाक्रम पर लड़कियों के पिता ने कहा, उस समय पूरा परिवार सो रहा था। लड़कियां पानी पीने के बहाने उठीं, अंदर से दरवाजा बंद किया और बालकनी से कूद गईं। उन्होंने बताया कि लड़कियों के पास मोबाइल फोन थे, लेकिन उन्होंने तुरंत इस पर ध्यान नहीं दिया। कुमार ने कहा, उन्होंने फोन कमरे के बाहर फेंक दिए थे। पुलिस ने बाद में जांच के लिए उन्हें जब्त कर लिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी अपनी बेटियों को गेम खेलने से रोकने की कोशिश की, तो कुमार ने कहा कि उन्हें गेम की प्रकृति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, अगर किसी को पता चल जाए कि गेम में ऐसे लक्ष्य होते हैं, तो कोई भी पिता अपने बच्चों को इसका हिस्सा नहीं बनने देगा।
भाषा से इनपुट




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