NHRC ने दिल्ली सरकार और पुलिस कमिश्नर को भेजे नोटिस, लापता लोगों की खबरों पर ऐक्शन
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सोमवार को बताया कि उसने पुलिस आंकड़ों के हवाले से मीडिया में आई खबरों पर संज्ञान लिया है जिसके मुताबिक जनवरी के पहले पखवाड़े में राष्ट्रीय राजधानी में '807 लोग लापता हुए हैं' और दिल्ली सरकार और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किए हैं।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) इस साल जनवरी के पहले दो हफ्ते में दिल्ली से 800 से अधिक लोगों के लापता होने की खबरों के बाद ऐक्शन में आ गया है। एनएचआरसी ने सोमवार को बताया कि उसने पुलिस आंकड़ों के हवाले से जनवरी के पहले 15 दिनों में राजधानी में '807 लोगों के लापता होने की मीडिया में आई खबरों का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
एनएचआरसी ने कहा कि यदि खबर में दी गई जानकारी सच है, तो इससे ''मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दे'' उठते हैं।
आयोग ने यहां जारी एक बयान में कहा, ''इसलिए, दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।''
बयान के मुताबिक आयोग ने मीडिया में आई खबरों पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 के पहले दो हफ्तों में राष्ट्रीय राजधानी में 807 लोग लापता हो गए। इनमें 191 नाबालिग और 616 वयस्क शामिल हैं। पुलिस ने 235 लोगों का पता लगा लिया है और 572 लोग अब भी लापता हैं।
मीडिया में 5 फरवरी को आई खबरों के मुताबिक, 2025 में दिल्ली में कुल 24,508 लोग लापता हुए जिनमें से 60 प्रतिशत महिलाएं थीं। पुलिस 15,421 लापता लोगों का पता लगाने में सफल रही, जबकि 9,087 मामले अनसुलझे रहे।
डेटा ने किशोरों के बीच बढ़े हुए जोखिम को भी उजागर किया है, जिसमें 2016 से हर साल 5,000 से अधिक किशोर, जिनमें से लगभग 3,500 लड़कियां हैं, लापता हो रहे हैं।
पुलिस डेटा के अनुसार, 1 से 15 जनवरी के बीच कुल 807 लोग लापता हुए, यानी हर दिन औसतन 54 लोग लापता हुए। 6 फरवरी को जारी एक आधिकारिक बयान में पुलिस ने कहा कि जनवरी 2026 में "पिछले वर्षों की इसी अवधि की तुलना में लापता व्यक्तियों की रिपोर्ट की संख्या में गिरावट आई है"।




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