अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग दो सप्ताह के लिए थमी
अमेरिका ने ईरान के साथ 39 दिन की जंग के बाद संघर्ष विराम की घोषणा की है। ट्रंप ने बताया कि ईरान 15 बिंदुओं पर सहमत हुआ है। पाकिस्तान ने वार्ता के लिए अमेरिका और ईरान को आमंत्रित किया है। हालांकि, इजरायल ने कहा कि संघर्ष विराम लेबनान पर लागू नहीं होगा। ट्रंप ने ईरान को परमाणु संवर्धन की इजाजत देने की अफवाहों को खारिज किया।

अमेरिका ने ईरान से 39 दिन की जंग के बाद ईरानी सभ्यता खत्म करने की धमकी की समयसीमा खत्म होने से पहले दो सप्ताह के लिए संघर्ष विराम की घोषणा कर दी। इस ऐलान के साथ ही पूरी दुनिया ने सुकून की सांस ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार तड़के घोषणा करते हुए कहा कि ईरान 15 बिंदुओं पर संघर्ष विराम को राजी हो गया है। पाकिस्तान ने अमेरिका- ईरान को वार्ता के लिए शुक्रवार को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा के बाद ईरानी समाचार पत्र तेहरान टाइम्स ने दावा किया कि ईरान ने इसके लिए दस शर्तें रखी हैं।
इसमें परमाणु संवर्धन के साथ अमेरिकी प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाने के अलावा कई शर्तें शामिल हैं। ट्रंप ने संघर्ष विराम से जुड़े बिंदुओं के बारे में विस्तार से जानकारी देने से मना कर दिया। ट्रूथ पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि दुनिया की शांति के लिए बड़ा दिन, ईरान भी शांति चाहता है। ट्रंप ने कहा अमेरिकी ईरान के साथ मिलकर जमींदोज हुए यूरेनियम को खोदकर निकालेगा। उन्होंने ये भी स्पष्ट कहा कि जून में अमेरिका और इजरायली हमले के बाद ईरान में परमाणु संवर्धन नहीं हुआ है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर पोस्ट में बताया कि अमेरिका- ईरान और उनके सहयोगी संघर्ष विराम को तैयार हो गए हैं। पाकिस्तान ने शुक्रवार को अमेरिका और ईरान को इस्लामबाद में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। दोनों पक्ष आमने- सामने की बैठक करेंगे जहां सभी मुद्दों का हल निकालने पर मंथन होगा। शरीफ ने कहा कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेकशियन ने पाक की तरफ से इस्लामाबाद में वार्ता की पेशकश को स्वीकार लिया है।ईरान को हथियार देने वालों पर 50 फीसदी टैरिफट्रंप ने कहा समझौत के तुरंत बाद एक नई धमकी दी। उन्होंने कहा कि जो भी देश अमेरिका से आयातित सैन्य साजो सामान या हथियार ईरान को उपलब्ध कराएगा उसपर 50 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ काम कर रहा। ईरान सत्ता परिवर्तन की तरफ बढ़ रहा। अमेरिका ईरान के साथ टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत देने से जुड़े बिंदुओं पर विचार कर रहा।हमें उम्मीद आगे सब अच्छा होगाट्रंप ने कहा कि सभी की तरह ईरान भी शांति का पक्षधर है। अमेरिका समुद्री मार्ग होर्मुज में यातायात सामान्य करने में मदद करेगा। आने वाले समय में और भी सकारात्मक फैसले होंगे। बड़ा पैसा भी बनेगा। उन्होंने कहा, ईरान दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर सकता है। हम सभी तरह की आपूर्ति को तैयार हैं और उम्मीद करते हैं कि आगे भी सब अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा कि ये मध्यपूर्व के लिए स्वर्णिम काल होगा।परमाणु संवर्धन की इजाजत अफवाहफारसी भाषा में वायरल शर्तों में दावा किया गया कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु संवर्धन करने की इजाजत दे दी है। इस दावे को ट्रंप ने खारिज कर दिया। हालांकि उन्होंने ये जरूर कहा कि अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज के आसपास तैनात रह सकते हैं। मालूम हो कि होर्मुज के रास्ते दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है जबकि ईरान अपना 90 फीसदी तेल इसी रास्ते से निकालता है।संघर्ष विराम लेबनान पर लागू नहींइजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान से हुआ संघर्ष विराम लेबनान पर लागू नहीं होगा। वहीं पाक प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि संघर्ष विराम के दायरे में लेबनान भी आएगा। इजरायली सेना ने कहा कि हिज्बुल्ला के खिलाफ जंग जारी रहेगी। सेना की जमीनी कार्रवाई जारी रहेगी क्योंकि लेबनान संघर्ष विराम के दायरे में नहीं आता है।धमकी से सकते में थी दुनियाईरानी सभ्यता खत्म करने की ट्रंप की धमकी को लेकर पूरी दुनिया सकते में थी। ट्रंप ने कहा था कि ईरान अगर समझौते के लिए राजी नहीं होता है तो अमेरिकी सेना पूरी ईरानी सभ्यता को खत्म कर देगी। ट्रंप ने कहा था कि सेना ईरान के खर्ग द्वीप को तबाह कर देगी। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि अगर ईरान होर्मुज खोलने के लिए राजी नहीं होता है तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।इराक ने एयरपोर्ट और एयरस्पेस खोलासंघर्ष विराम की घोषणा के कुछ समय बाद इराक ने अपने एयरपोर्ट और एयरस्पेस को खोल दिया। इराक के नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख बंकिन रेकानी ने बताया कि जंग के चलते बगदाद और इर्बिल एयरपोर्ट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। संघर्ष विराम की घोषणा के बाद आवागमन को सुचारू बनाने के लिए ये फैसला लिया गया है।ईरान के मूल सिद्धांतों पर आधारित यह संघर्ष विराम राष्ट्रीय एकता और देश के लोगों की दृढ़ता और शहीदों की शहादत का परिणाम है। हम हर हालात में कूटनीति, रक्षा, सार्वजनिक जीवन और सेवा क्षेत्र में पूरी हिम्मत से एकजुट रहे और आगे भी रहेंगे।मसूद पजेकशियन, राष्ट्रपति, ईरान
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