TCS Suspends Employees Over Sexual Harassment and Conversion Allegations in Nashik Office टीसीएस ने यौन उत्पीड़न के आरोपी कर्मियों को निलंबित किया, Delhi Hindi News - Hindustan
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टीसीएस ने यौन उत्पीड़न के आरोपी कर्मियों को निलंबित किया

टीसीएस ने नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों के चलते कुछ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। आठ महिला कर्मियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें चार साल तक प्रताड़ित किया गया। मामले में सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और महाराष्ट्र सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।

Sun, 12 April 2026 06:05 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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टीसीएस ने यौन उत्पीड़न के आरोपी कर्मियों को निलंबित किया

मुंबई/ नासिक, एजेंसी। आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण कराने के मामले में आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। कंपनी की आठ महिला कर्मियों ने ये आरोप लगाए थे। इस मामले में अब तक सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि महाराष्ट्र सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। कंपनी ने जांच में सहयोग की बात भी कही है। मामला कंपनी के नासिक कार्यालय से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले यहां कार्यरत एक महिला कर्मी ने अपने एक वरिष्ठ सहकर्मी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया।

इसके अलावा सात और महिला कर्मियों ने यौन उत्पीड़न, धर्मांतरण का दबाव बनाने की बात कही, जबकि एक पुरुष कर्मचारी ने भी धर्मांतरण के दबाव का आरोप लगाया। मामले में नासिक पुलिस अब तक नौ मुकदमे दर्ज कर चुकी है, जबकि महिला एचआर प्रबंधक समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।उधर, टीसीएस ने एक आधिकारिक बयान कर जानकारी दी कि आरोपी कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है। कंपनी ने कहा, ‘टीसीएस में किसी भी तरह के उत्पीड़न के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति रही है। नासिक मामले की जानकारी मिलते ही हमने तुरंत कार्रवाई की।’ कंपनी ने बताया कि कंपनी जांच एजेंसियों से सहयोग कर रही है और आगे की कोई भी कार्रवाई जांच के नतीजों पर आधारित होगी।चार साल से झेल रहे थे प्रताड़नापुलिस के अनुसार, पीड़ितों ने बताया कि उनके साथ यौन उत्पीड़न ओर धर्मांतरण के दबाव का सिलसिला करीब चार साल से चल रहा था। आरोप है कि उन्होंने कई बार मानव संसाधन (एचआर) विभाग और अन्य अधिकारियों को जानकारी दी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि उनके साथ हुई घटनाओं को न सिर्फ नजरअंदाज किया गया, बल्कि उन्हें चुप रहने की हिदायत भी दी गई।पुलिस ने पीड़ितों से आगे आने की अपील कीनासिक पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए पुलिस उपायुक्त संदीप मिटके के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। बताया कि एसआईटी यह भी जांच करेगी कि यह मामला सिर्फ कुछ लोगों द्वारा किया गया व्यक्तिगत अपराध है या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि इस मामले में और भी पीड़िताएं हो सकती हैं। उन्होंने पीड़िताओं से अपील की कि वे बिना डरे सामने आएं और पुलिस को जानकारी दें।यह घटनाक्रम बेहद गंभीर है। मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।-देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र

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